
नीमच। जिले में बहुचर्चित हत्या मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी कमलेश उर्फ कमल प्रजापत को आजीवन कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय 10 अप्रैल 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा सुनाया गया, जिससे पीडि़त परिवार को न्याय मिला है।
जिला लोक अभियोजन कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, घटना 31 जुलाई 2023 की रात की है, जब ग्राम महुडिया निवासी रमेश अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद 1 अगस्त 2023 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान मामला हत्या में तब्दील हो गया, जब रमेश का शव गांव के ही एक खेत में संदिग्ध अवस्था में मिला। पुलिस और जांच एजेंसियों ने साक्ष्य जुटाते हुए मामले की गहराई से पड़ताल की। जांच में सामने आया कि आरोपी कमलेश उर्फ कमल ने पुरानी रंजिश के चलते रमेश की बेरहमी से हत्या की थी। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किया और न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 23 गवाहों के बयान और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।
इस पूरे प्रकरण में जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती और अपर लोक अभियोजक इमरान खान द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके चलते न्यायालय ने आरोपी को सख्त सजा सुनाई।यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कानून के शिकंजे से बचना संभव नहीं है और न्याय व्यवस्था पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
