गुवाहाटी, 11 अप्रैल (वार्ता) ध्रुव जुरेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत ज़्यादा अनुभवी नहीं हैं। उनके नाम सिर्फ़ नौ टेस्ट और चार टी 20 हैं। टेस्ट में ऋषभ पंत और टी20 में कई अन्य विकल्पों के लिए वह एक बैक-अप विकेटकीपर हैं। लेकिन अंबाती रायुडु का मानना है कि “दुनिया को उनके बारे में थोड़ी और बात करनी चाहिए”।
जुरेल ने शुक्रवार रात आईपीएल 2026 के एक मुक़ाबले में गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 43 गेंदों में नाबाद 81 रन की पारी खेली और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) को चौथी जीत दिलाने में मदद की।
रायुडु ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के टाइमआउट शो पर कहा, “उन्होंने स्किल और टेम्परामेंट दोनों में बहुत क्लास दिखाई है। वह सच में अलग नजर आए। अब वह एक बहुत परिपक्व बल्लेबाज लगते हैं। अब समय है कि वह खेल के सभी फ़ॉर्मेट में आगे बढ़ें और उम्मीद है कि भारत के लिए अधिक खेलें।”
रायुडू ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि दुनिया को उनके बारे में थोड़ी और बात करनी चाहिए। अभी वह लाइमलाइट से दूर हैं। भारतीय क्रिकेट में एक पूर्ण बल्लेबाज के तौर पर मैं उनसे ज़्यादा प्रतिभाशाली बहुत कम लोगों को देखता हूं। वह एक कमाल की प्रतिभा हैं और मुझे नहीं लगता कि उन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।”
आरोन फ़िच भी रायुडू के बातों से सहमत दिखें। उन्होंने कहा, “जुरेल की तकनीक, उनका टेम्परामेंट और परिस्थितियों को समझने की उनकी क्षमता बेहतरीन है। पेस और स्पिन दोनों के ख़िलाफ उनके पास पूर्ण खेल है। जब वह क्रीज पर आए, उन्होंने बल्लेबाज़ी को बहुत आसान बना दिया। यह कुछ अलग ही था। वह शानदार थे और यही वजह थी कि वैभव (सूर्यवंशी) भी आगे बढ़ते रहे, क्योंकि उनके पास ऐसा पार्टनर था जिसने मोमेंटम बनाए रखा और फिर वह लगातार दबाव बनाते रहे।”
जुरेल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “नंबर 3 पर उतरना मेरी बल्लेबाज़ी को आसान बना देती है। जब आप अंदर जाते हैं और वैभव हर गेंद को मार रहे होते हैं, तो आपको लगता है कि विकेट पर कुछ हो ही नहीं रहा। क्रिकेट इतना आसान नहीं है, जितना सूर्यवंशी दिखाते हैं। पांच ओवर के बाद हम लगभग 65-70 (73) रन पर थे। छठे ओवर में, अभिनंदन (सिंह) मुझे गेंदबाज़ी कर रहे थे और मैं ख़ुद से कह रहा था, ‘मुझे मौक़ा भुनाना है, मुझे मौक़ा भुनाना है’।”
जुरेल ने मौका भुनाया, 4, 6, 4, 0, 6 और 4 लगाकर 24 रन का ओवर बनाया और पावरप्ले के अंत में RR को 97/1 पर पहुंचा दिया। नंबर तीन की नई पोज़िशन जुरेल को सूट करती दिख रही है। हालांकि जुरेल ने कहा कि आख़िर में, आपको बस मैच जीतना होता है, इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप किस नंबर पर बल्लेबाज़ी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पिछले साल मैं पांच-छह पर बल्लेबाज़ी कर रहा था। इस साल मैं नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी कर रहा हूं। मैनेजमेंट ने मुझ पर भरोसा दिखाया है। लेकिन मेरे लिए बल्लेबाज़ी नंबर सिर्फ़ एक नंबर है। मेरा स्वभाव ऐसा है कि अगर आप मुझे आठ या नौ पर भी बल्लेबाज़ी के लिए कहें, तो मैं ख़ुशी से मान लूंगा। मुझे पता है कि मुझे जीत दिलाने वाला छक्का या चौका लगाना है। मैं हमेशा से ऐसा ही रहा हूं।”
