
परासिया। छिंदवाड़ा जिले के बहुचर्चित कफ सिरप कांड में सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने उस याचिका को निरस्त कर दिया, जिसमें यह मांग की गई थी कि मामले में और भी आरोपियों को शामिल किया जाए, जिन्हें पुलिस अब तक आरोपी नहीं बना रही है।
जहरीले सिरप के सेवन से जिले में 21 से अधिक बच्चों की मौत के बाद गठित एसआईटी ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें डॉक्टर प्रवीण सोनी, सन फार्मा कंपनी के मालिक तथा संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक शामिल हैं।
एसआईटी की सख्त और ठोस कार्रवाई का ही परिणाम है कि अब तक इस मामले के किसी भी आरोपी को न्यायालय से जमानत नहीं मिल पाई है।
