उज्जैन:महाकाल की नगरी उज्जैन में महाकुंभ की तैयारी बड़े पैमाने पर चल रही है उसमें ऐतिहासिक तौर पर बजट का प्रावधान करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक और बड़ी सौगात दे दी है. 13851 करोड़ का बजट उज्जैन विकास के लिए देने की घोषणा की है जिससे शहर की तस्वीर बदल जाएगी.मध्य प्रदेश सरकार ने 18 फरवरी 2026 को प्रस्तुत बजट 2026-27 में उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर ऐतिहासिक घोषणा की है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 के लिए कुल 13,851 करोड़ रुपए का विशाल प्रावधान प्रस्तावित किया है. इनमें से चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विशेष रूप से 3,060 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है.
21000 करोड़ के काम
गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी सिंहस्थ की प्रारंभिक तैयारियों के लिए 2,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था. सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 के आयोजन तक उज्जैन में 21,000 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य पूर्ण कर लिए जाएं.
इंदौर-उज्जैन 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी
सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए इंदौर और उज्जैन के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी गई है. यह हाईवे यातायात के दबाव को कम करेगा और महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन उपलब्ध कराएगा. इसके साथ ही नए बायपास, सड़कों के चौड़ीकरण और आंतरिक मार्गों को 2-लेन से 4 और 6-लेन में परिवर्तित करने के कार्य भी तेज गति से किए जा रहे हैं.
महाकाल क्षेत्र और शहर के लिए विशेष विकास पैकेज
महाकाल मंदिर क्षेत्र में रोप-वे और एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण को प्राथमिकता दी गई है. इससे प्रतिदिन दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों भक्तों को सुविधा मिलेगी.
बड़ी सौगातें
शहर में दर्जनों नए ब्रिज आकार ले रहे हैं. सांस्कृतिक भवन, आईटी पार्क, मेडिकल कॉलेज, हेलीपैड, एयरपोर्ट विस्तार और मेट्रो ट्रेन जैसी परियोजनाएं भी विकास की धारा को गति दे रही हैं. कई परियोजनाओं का लोकार्पण हो चुका है, जबकि अनेक का भूमिपूजन स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है.
शिप्रा के पावन जल से स्नान की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सार्वजनिक मंचों से घोषणा की है कि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को शुद्ध शिप्रा नदी के जल से ही स्नान कराया जाएगा. इसके लिए सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी डेम निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का संग्रहण कर सिंहस्थ के दौरान छोड़ा जा सके.
साथ ही, खान नदी के प्रदूषित जल को शिप्रा में मिलने से रोकने के लिए कान्हा क्लोज डक्ट योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और पवित्र जल उपलब्ध हो सके.
साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और संत परंपरा का विराट संगम है. साधु-संतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं, अखाड़ों के लिए आधारभूत सुविधाएं, घाटों का निर्माण और विस्तार, प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा इंतजामों पर विशेष फोकस किया गया है.
बदलेगी उज्जैन की दशा और दिशा
13,851 करोड़ के इस ऐतिहासिक बजट प्रावधान से महाकाल की नगरी की दशा और दिशा बदलने की उम्मीद है. सिंहस्थ 2028 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उज्जैन के समग्र विकास का माध्यम बन रहा है. आने वाले वर्षों में इन विकास कार्यों का लाभ शहरवासियों, श्रद्धालुओं और व्यापार जगत सभी को मिलेगा।सरकार का संकल्प है कि इस बार सिंहस्थ का आयोजन अब तक का सबसे भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक होगा
