ग्वालियर: दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक इंद्रप्रस्थ गार्डन, गोले का मन्दिर, में ‘श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। गुरुदेव आशुतोष महाराज की शिष्या भागवताचार्या मेरुदेवा भारती ने श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस भक्त प्रहलाद की गाथा श्रद्धालुगणों के समक्ष रखते हुए कहा कि प्रहलाद के पिता हिरणकश्यप् ने उस पर इतने अत्याचार किये, कभी पर्वत से गिराया, तो कभी सागर में उसे छोड़ दिया गया।
परंतु हर बार प्रहलाद की रक्षा हुयी क्योंकि प्रहलाद के पास ईश्वर का वह सच्चा नाम था, जिसके सुमिरन से इन विपरीत परिस्थितियों मे भी उसकी रक्षा हो पाई। परंतु आज सारा समाज आशांत है ! दुखी है ! आज वह बाहर से सुरक्षित होने के लिए बहुत कुछ कर रहा है। परंतु वह सुरक्षित नही हो पा रहा क्योंकि आज रक्षक स्वयं भक्षक बन गए है। इसलिए संतो ने कहा, आज समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यकता है सच्चे सुरक्षा कवच की जो उसकी हर परिस्थिति मे रक्षा कर सके।
संतो ने कहा कि वह सुरक्षा कवच मात्र ईश्वर का ही नाम है। जो हर पल एक जीवात्मा की रक्षा करता है। परंतु आज सारा संसार ईश्वर के गुणवाचक नाम को ही जपता है जो जिह्वा से लिया जाता है । गुणवाचक नाम का अर्थ है, जो ईश्वर के गुणों के कारण भक्तों ने रखे।कथा में आज भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। संस्थान द्वारा चले जा रहें संरक्षण प्रकल्प के अंतर्गत बच्चो के लिए संरक्षण सभा का आयोजन किया गया जिसमे बच्चो ने 3आर के बारे मे जाना और उसे अपने जीवन मे लागू करने का संकल्प लिया।
