इंदौर: शहर में आईडीए ने एमआर 10 सड़क पर सौ करोड़ रुपए के लागत से आईएसबीटी का निर्माण किया है. उक्त आईएसबीटी के रखरखाव और संधारण के आईडीए ने 5वीं बार टेंडर निकाले हैं. इस बार दो कंपनियों ने रुचि ली है. इसके पहले चौथी बार टेंडर में तीन कंपनियों ने रुचि ली थी. खास बात यह है कि अभी तकनीकी परीक्षण के टेंडर खोले हैं. आर्थिक स्थिति को लेकर टेंडर खुलना बाकी है.
आईडीए ने आईएसबीटी के पांचवी बार टेंडर निकाले थे, जिसमें शर्तो में बहुत संशोधन किए गए थे. 10 मार्च टेंडर भरने के अंतिम तारीख थी. आईडीए ने पांचवी बार के टेंडर में 20 साल की लीज और 5 साल का एक्सटेंशन देने, 10 करोड़ रूपए सिक्युरिटी डिपाजिट, टेंडर में न्यूनतम 4 करोड़ रुपए और उस पर राशि का 1 प्रतिशत प्रति माह लीज रेंट, आवेदन में 10 लाख रुपए प्रतिभूति राशि जमा करने की शर्त रखी थी. साथ ही टेंडर में एक प्रतिशत लीज रेंट में हर साल 5 प्रतिशत राशि बढ़ोतरी की शर्त भी शामिल है. आईडीए द्वारा इस बार टेंडर में शर्त में बदलाव करने के बैक 2 कंपनियों ने टेंडर जमा किया है. दो कंपनियों ने एमआर 10 स्थित आईएसबीटी लीज टेंडर में इंदौर की कॉमथेन सिक्युरिटी सर्विसेज और डीवीजी इंडिया लिमिटेड पुणे ने भाग लिया है. दोनों कंपनियों के टेंडर 25 मार्च को तकनीकी परीक्षण के लिए खोले गए, जिसका आईडीए के इंजीनियर परीक्षण कर रहे है. तकनीकी परीक्षण में खरा उतरने कर बाद ही आर्थिक बोली पर चर्चा होगी, नहीं तो टेंडर निरस्त कर दिए जाएंगे. पूर्व में भी आईडीए के चौथी बार टेंडर में 3 कंपनियों ने भाग लिया था, लेकिन कार्यानुभव नही होने के कारण टेंडर निरस्त कर दिए थे, जिसमें भी आर्थिक बोली पर चर्चा नहीं हुई थी.
दुकानों, रेस्टोरेंट और ऑफिस की जगह
ध्यान रहे कि आईडीए ने 100 करोड़ की लागत से एमआर-10 कुमेड़ी में 15 एकड़ जमीन पर आईएसबीटी का निर्माण किया है. आईडीए ने पूर्णतः वातानुकूलित भव्य बस स्टैंड बनाया है. बस स्टैंड से एक दिन में 1440 बसों का आवागमन हो सकता है. बसों और उनके ड्राइवर कंडक्टर के ठहरने से लेकर रेस्त्रां तक की व्यवस्था की गई है. 40 से ज्यादा टर्मिनल और मेट्रो से कनेक्टिविटी तक दी गई है. साथ ही बस स्टेंड पर 38 दुकानें, 16 रेस्टोरेंट की जगह और पहली मंजिल पर 25 से ज्यादा कंपनियों के ऑफिस संचालित करने की जगह भी है.
