जबलपुर: विगत माह शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, लेकिन इनका क्रियान्वयन अब तक नहीं हो सका है। दीनदयाल चौक की रोटरी का नया ले-आउट तैयार होने के बाद ट्रैफिक सिग्नल लगाने की बात कही गई थी, मगर यह योजना अभी तक अधूरी पड़ी है। इसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को रोज़ाना जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
चौराहों पर नहीं लग पाए सिग्नल
बैठक में रानीताल और बलदेवबाग चौराहों पर जल्द ट्रैफिक सिग्नल शुरू करने की घोषणा भी की गई थी, लेकिन स्थिति में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला। यह स्पष्ट हो रहा है कि बंद कमरों में लिए गए निर्णय सड़कों तक पहुंचने से पहले ही सीमित रह जाते हैं।
इन मुद्दों पर भी हुए थे प्रमुख फैसले
बैठक में भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शा और पिकअप वाहनों के संचालन पर समयबद्ध रोक लगाने, ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट तय करने और मंडला-डिंडौरी मार्ग की बसों को शहर के भीतर आने से रोकने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा इन मार्गों के लिए नए बस स्टैंड की जगह चिन्हित करने की योजना भी बनाई गई थी।
यातायात में बाधा बन रहे यूनिपोल हटाने, बलदेवबाग से ट्रांसपोर्ट ऑफिसों को चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट करने और बायपास पर अवैध पार्किंग रोकने के लिए 14 स्थान चिन्हित करने जैसे फैसले भी शामिल थे।
सुधार के दावे, लेकिन असर नहीं
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अतिक्रमण हटाने और भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर रोक लगाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद, शहर की यातायात व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दीनदयाल चौक की रोटरी का नया ले-आउट कब बनेगा और कब ये फैसले सड़कों पर उतरेंगे।
