बंगाल में बोले पीएम मोदी—मछली और चावल खाने वालों को भाजपा से डरने की जरूरत नहीं, टीएमसी के ‘माच-भात’ वाले दुष्प्रचार का मेदिनीपुर में दिया करारा जवाब

मेदिनीपुर | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मछली और खान-पान को लेकर तृणमूल कांग्रेस के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। पूर्वी मेदिनीपुर की जनसभा में पीएम मोदी ने बंगाल के ‘माच-भात’ प्रेमियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर बंगाल को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में पूरे भारत का मछली उत्पादन दोगुना हुआ है, लेकिन बंगाल में टीएमसी सरकार के भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण इसमें भारी गिरावट आई है। पीएम ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनते ही मछुआरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ को कड़ाई से लागू किया जाएगा।

आसनसोल और सूरी की रैलियों में प्रधानमंत्री ने टीएमसी के “सिंडिकेट राज” और “गुंडा राज” पर जमकर हमला बोला। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ एक नया नारा ‘सबका साथ, सबका हिसाब’ दिया। पीएम ने चेतावनी दी कि 4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज होगा और गुंडागर्दी व भ्रष्टाचार के हर एक काम का हिसाब लिया जाएगा। बीरभूम की घटना और संदेशखाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं और टीएमसी ने बम बनाने को एक ‘कुटीर उद्योग’ में तब्दील कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कोयला, पत्थर और रेत की लूट के लिए सत्ताधारी दल के संरक्षण को जिम्मेदार ठहराया।

सूरी में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी ने इस चुनाव को बंगाल की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का चुनाव बताया। उन्होंने ममता बनर्जी पर “घमंडी सोच” रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य डर से मुक्त बंगाल बनाना है। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने टीएमसी को घेरते हुए कहा कि जहां देश भर में भाजपा सरकारें ‘रोजगार मेले’ लगाकर लाखों युवाओं को नौकरियां दे रही हैं, वहीं बंगाल में केवल ‘जॉब करप्शन’ का खेल चल रहा है। पीएम ने जनता से आह्वान किया कि वे नौकरी भर्ती घोटालों और महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों का बदला अपने वोट की ताकत से लें और बंगाल में वास्तविक “परिवर्तन” सुनिश्चित करें।

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