जबलपुर:अंधविश्वास और मजबूरी का फायदा उठाकर ठगों ने सिवनी जिले के घंसौर निवासी एक युवक को अपना शिकार बनाया है। जालसाजों ने खुद को तांत्रिक बताते हुए पारिवारिक समस्याओं के समाधान का झांसा देकर पीडि़त से किस्तों में कुल 17,65,000 रुपये हड़प लिए। ठगी की यह साजिश ग्वारीघाट से शुरू होकर नागपुर तक पहुंची और अब आरोपी पीडि़त पर इलाहाबाद जाने का दबाव बना रहे हैं। इसके बाद पीडि़त ने कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्वारीघाट से बिछाया बातों का जाल
पीडि़त चन्द्रकांत सोनी पिता रविशंकर सोनी (31) निवासी घंसौर, जिला सिवनी ने बताया कि नवंबर माह में जब वे जबलपुर के ग्वारीघाट गए थे, तब वहां उन्हें दो अज्ञात व्यक्ति मिले। इनमें से एक ने अपना नाम सुभाष बताया। आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से चन्द्रकांत को अपनी बातों में उलझाया और दावा किया कि वे उनकी पारिवारिक समस्याओं को जड़ से खत्म कर सकते हैं।
दवाइयों के नाम पर वसूली-
आरोपियों ने पीडि़त को डराकर पहले दमोहनाका स्थित साईनाथ आयुर्वेदिक दुकान से कुछ दवाइयां दिलाईं, जिसके बदले उनसे 5, 25, 000 रुपये ले लिए गए। जब पीडि़त को कोई फायदा नहीं हुआ, तो आरोपियों ने नया पैंतरा चला और उन्हें नागपुर बुलाया। नागपुर के ईमानबाड़ा चौराहा स्थित पंचवटी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी दुकान पर ले जाकर पीडि़त से दोबारा भारी भरकम रकम वसूली गई। चन्द्रकांत ने बताया कि नागपुर में उन्होंने 11,76,000 रुपये नकद और 64,000 रुपये फोन-पे के माध्यम से, यानी कुल 12,40,000 रुपये दिए।
अब 7.50 लाख के लिए बना रहे दबाव
इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद भी जब समस्याओं का अंत नहीं हुआ, तो पीडि़त को ठगी का अहसास हुआ। अब पिछले दो महीनों से आरोपी लगातार फोन कर पीडि़त को इलाहाबाद बुला रहे हैं और वहां 7.50 लाख रुपये की और दवाइयां लेने का दबाव बना रहे हैं। चन्द्रकांत सोनी ने अब कोतवाली थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि ये लोग तांत्रिक बनकर भोले-भाले लोगों को लूट रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
