जबलपुर: जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के परिजनों से गेट पास के नाम पर की जा रही अवैध वसूली पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। बताया गया कि मेसर्स मोहम्मद फारूख़ अहमद के माध्यम से संचालित इस व्यवस्था में प्रति व्यक्ति 5 रुपये वसूले जा रहे थे।
इस संबंध में मीडिया, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं, जो सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से भी प्राप्त हुईं। इन शिकायतों के चलते अस्पताल की व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जबलपुर के अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों मेडिकल कॉलेज एवं रानी दुर्गावती चिकित्सालय (लेडी एल्गिन) में इस प्रकार की कोई व्यवस्था लागू नहीं है, जिससे इस प्रणाली की आवश्यकता पर सवाल उठे।
आगामी टेंडर प्रकिया तक बंद रहेगी व्यवस्था
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन कोठारी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुबंध वृद्धि नहीं की गई है। साथ ही आगामी टेंडर प्रक्रिया तक गेट पास व्यवस्था पूरी तरह समाप्त रहेगी। प्रशासन ने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि वह आर.के.एस. शाखा से सभी लंबित देयकों का भुगतान कर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना सुनिश्चित करे।
