
देवास। शहर में चर्चित ब्लैकमेलिंग कांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। शहर कोतवाली पुलिस ने श्रीराम हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. चारूलता तिवारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो की जांच के बाद की गई है। जानकारी के अनुसार, डॉ. तिवारी ने दो दिन पूर्व कोतवाली थाने में ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने एक महिला सहित दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया था। इसी बीच एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें डॉ. तिवारी कथित रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण के बाद गर्भपात की बात करते हुए दिखाई दीं। वीडियो में नकदी लेते हुए भी उनके दृश्य सामने आए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जांच के आदेश दिए थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर कोतवाली पुलिस ने डॉ. तिवारी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा 23(1), 25 एवं एमटीपी एक्ट की धारा 5(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
दो और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर भेजे गए
इसी प्रकरण में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। फरार चल रहे आरोपी विजय अरोरा और सिमरन उर्फ रजनी भाटिया निवासी पटियाला को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी ब्लैकमेलिंग गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। गुरुवार शाम दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है।
आसपास के जिलों तक फैला नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह ब्लैकमेलिंग गैंग देवास ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी सक्रिय रहा है। यह गैंग डॉक्टरों और अधिकारियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेल करता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और पूछताछ में कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
