भोपाल: राजधानी भोपाल में गेंहूं तुलाई की आज से शुरुआत हो गई है, जिससे अब किसानों को राहत मिलती दिखाई दे रही है. नागरिक आपूर्ति निगम एवं खाद्य तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जिले में 89 तुलाई केन्द्र निर्धारित किए हैं, जिसमें 6 साइलो, 9 समितियों और 74 गोदाम पर तुलाई की जाएगी. इस बार केंद्र सरकार ने 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया है, उस पर मप्र सरकार ने 40 रुपए का बोनस देने का ऐलान किया. जिसके बाद किसान को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा. जो बाजार मूल्य से अधिक है. इसमें प्रति एकड़ 18 क्विंटल तय किया गया है.उससे अधिक होने पर उसे वापस कर दिया जाएगा. अभी सिर्फ छोटे किसानों की फसल को हीे खरीदा जाएगा. जब इनसे खरीदी पूरी हो जाएगी तब उसके बाद मझोले किसानों उसके बाद बड़े किसानों का नंबर आएगा. हालांकि गेंहूं खरीदी का भुगतान ऑनलाइन किसानों के बैंक खातों में 48 घंटों के अंदर किया जाएगा.
केन्द्र और राज्य सरकार की संयुक्त खरीदी
गेहूं की सरकारी खरीद मुख्य रूप से राज्य सरकारों के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा की जाती है. जिसमें सहकारिता विभाग और केंद्र सरकार की एजेंसी भारतीय खाद्य निगम मिलकर काम करते हैं. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और सहकारिता विभाग जो किसान पंजीयन से लेकर उपार्जन केंद्रों तक की व्यवस्था करते हैं. केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा राज्य सरकार 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दे रही है. किसानों को अपना पंजीयन कराना होता है, जिसके बाद स्लॉट बुकिंग के माध्यम से वे नजदीकी उपार्जन केंद्र पर अपनी फसल बेच सकते हैं. भुगतान डिजिटल रूप से सीधे किसानों के बैंक खातों में 48 घंटों के अंदर किया जाता है.
बड़े किसानों को मौसम से नुकसान का भय
अप्रैल माह भीषण गर्मी का मौसम है, उसके बाद भी अभी पानी बरसने जैसे आसमान में बादल मंडरा रहे हैँं. जिससे बड़े किसानों को अपनी फसल के नुकसान होने का डर है. क्योंकि गेंहूं खुले आसमान में घर के बाहर रखा हुआ है. एैसे में अगर बारिश हो गई तो निश्चित ही बड़े किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
किसानों से खरीदी का क्रम
गेंहूं की खरीदी की शुरूआत को लेकर नाथू बरखेड़ा के किसान अशोक पाटीदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी हमारा नंबर कहां से आएगा. हमें तो अभी इंतजार करना पड़ेगा. आगे बताया कि अभी सिर्फ तीन एकड़ तक के किसानों से खरीदी की जाएगी, उसके बाद 5 एकड़, उसके बाद 10 इसी क्रम में बढ़ते हुए बड़े किसान का नंबर सबसे आखिरी में आएगा.
समिति और साइलो बिक्री केन्द्र
जिले में 89 उपार्जन केंद्रो में से 74 सीधे गोदामों पर तुलाई होगी. सेवा सहकारी समिति सुगलि कोट, अरवालिया, गोंदरमऊ, खामरा इमलिया, आदमपुर छावनी, पिपलिया जहारपीर और परवलिया में 6 साइलो पर खरीदी की जाएगी. वहीं सेवा सहकारी समिति के द्वारा कुठार निपानिया जाट, परवलिया सडक़ तूमड़ा, सेमरा इमलिया करोद मंडी, भोरी भैंसाखेड़ी और लक्षमी स्वासहायता समूह भुजपुरा कला, वृहत्तकार समिति टीलाखेड़ी, कोडिया 1, कोडिय़ा 2 पर समिति के द्वारा खरीदी की जाएगी
