शीतल झिरी परियोजना का कड़ा विरोध: आदिवासियों ने घेरा कलेक्ट्रेट, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रोकने की मांग

बैतूल: बैतूल जिले में माचना नदी पर प्रस्तावित शीतल झिरी मध्यम सिंचाई परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। सेहरा ग्रामीण संघर्ष मोर्चा एवं विभिन्न जनजातीय संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।जानकारी के अनुसार परियोजना के लिए 23 मार्च 2026 को भूमि अर्जन की प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया संविधान की पांचवीं अनुसूची, भू-अर्जन अधिनियम 2013 और पेसा एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए आगे बढ़ाई जा रही है।
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुईं और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि परियोजना से बड़े पैमाने पर विस्थापन होगा, लेकिन वास्तविक स्थिति छिपाई जा रही है।
ग्रामीणों ने सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसमें केवल 35 परिवारों के प्रभावित होने का उल्लेख है, जबकि लगभग 500 आदिवासी परिवारों की 1200 एकड़ से अधिक भूमि प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सर्वेक्षण को अपूर्ण और भ्रामक बताया।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पांचवीं अनुसूची में शामिल होने के कारण यहां जनजातीय हितों की विशेष सुरक्षा का प्रावधान है, लेकिन ‘भूमि के बदले भूमि’ जैसी शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे किसानों के भूमिहीन होने का खतरा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित बांध स्थल के करीब 25 किलोमीटर के दायरे में पहले से एक अन्य बांध मौजूद है, जबकि नियमों के अनुसार दो बांधों के बीच न्यूनतम 50 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए। इस आधार पर परियोजना की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने ओलावृष्टि से फसल नुकसान, निजी क्लीनिकों में अनियमितताओं, भूमि सीमांकन विवाद और जिला अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के मामले में कार्रवाई नहीं होने जैसे मुद्दों को लेकर भी अलग ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाकर पूरे मामले की पुनः जांच कराने और प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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