समिति ने सौंपा प्रतिवेदन, कुपोषित नहीं थी बालिका

सतना: जिले के ग्राम कैमहा, ग्राम पंचायत महतैन, विकासखण्ड मझगवां में 11 माह की बालिका भारती मवासी पुत्री राजललन मवासी की मृत्यु के पीछे का कारण कुपोषण था अथवा नहीं। इसकी जांच कराने के लिए कलेक्टर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुविभाग मझगवां की अध्यक्षता में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कार्यकम अधिकारी, म०बा०वि० का जांच दल गठित किया गया था।  इस समिति द्वारा जांच कर सौंपे गए प्रतिवेदन में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि बालिका कुपोषित नहीं थी।

कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने मझगवा विकास खण्ड के कैमहा में बालिका की बीमारी से मौत होने की घटना की विस्तृत जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति गठित कर तत्काल मौके पर भेजा।समिति में एस डी एम महिपाल सिंह गुर्जर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा मनोज शुक्ला तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास राजीव सिंह शामिल रहे। जांच दल द्वारा मंगलवार को ग्राम कैमहा का भ्रमण कर जांच की गयी।

जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि बालिका के पिता राजललन मवासी मुख्यतः मजदूरी पर आश्रित हैं एवं रोजगार हेतु बीच-बीच में जिले के बाहर भी जाते रहते हैं। श्रीमती भूरी मवासी 05 बार गर्भवती हुयी। इनके प्रथम शिशु की जन्म के 15 दिन पश्चात ही मृत्यु हो गयी थी. द्वितीय शिशु वर्तमान में लगभग 4 वर्ष का है, तृतीय शिशु की गर्भमें ही मृत्यु हो गयी थी। दिवंगत बालिका भारती मवासी भूरी मवासी की चौथी संतान थीं, जिनकी उम्र 11 माह थी। वर्तमान में श्रीमती भूरी मवासी को पुनः 07 माह का गर्भ है।

बालिका भारती मवासी का जन्म सीएचसी मझगवां में हुआ था एवं उसका सम्पूर्ण टीकाकरण समय-समय पर ग्राम कैमहा में स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण दल द्वारा किया गया था। जन्म के समय मेडिकल रिकार्ड के अनुसार उनका वजन 2.20 कि०ग्रा० था। श्रीमती भूरी मवासी के पांचवे गर्भ हेतु 10 मार्च 2026 को टीकाकरण किया गया था तथा 30 दिन के लिये आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों भी आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रदाय की गयी है। 10 मार्च 2026 को ही बालिका भारती मवासी का भी शिड्यूल के अनुसार टीकाकरण किया गया था।

माता पिता से विस्तृत चर्चा करने पर उनके द्वारा बताया गया कि बालिका भारती मवासी जन्म के समय पूर्णतः सामान्य एवं सक्रिय थीं। जन्म से 11 माह तक के मध्य बालिका लगभग स्वस्थ बनी रही। मृत्यु दिनांक से 03 दिन पूर्व बालिका के बुखार से पीडित होने पर पिता द्वारा स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया गया। माता पिता के अनुसार मृत्यु दिवस की सायं को बालिका ने ऊपरी आहार अच्छे से खाया था तथा माता भूरी मवासी द्वारा रात में बालिका को स्तनपान भी कराया गया था। परन्तु कुछ घंटे पश्चात बालिका की मृत्यु हो गयी। मेडिकल रिकार्ड के अनुसार माह मार्च 2026 में बालिका का वजन 7.1 किलोग्राम था। बालिका कुपोषित नही थी।

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