जबलपुर: भवनों के कर निर्धारण में कूटरचित दस्तावेजों, फर्जी शपथ पत्र के जरिए नगर निगम जबलपुर में भ्रष्टाचार हुआ बल्कि सरकारी खजाने को करीब 20.41 लाख रुपये की चपत लगाई। मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन राजस्व अधिकारी समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।जानकारी के मुताबिक विजय गुप्ता ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत की जिसमें आरोप लगाया कि नगर निगम में बीस लाख रूपए की नगर निगम अधिकारी व अ न्य ने आर्थिक क्षति पहुंचाई है।
शिकायत पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि नेपियर टाउन दयानंद सरस्वती वार्ड स्थित भवन क्रमांक 509, 510 और 511 को लेकर बड़ा खेल रचा गया था। आरोपी तीरथदास नागदेव, संजना रतलानी और सुनील रतलानी ने इन भवनों को खरीदने का इकरारनामा तो किया था, लेकिन कानूनी तौर पर इसकी न तो रजिस्ट्री कराई और न ही लीज ट्रांसफर की।इसके बावजूद, आरोपियों ने खुद को उपयोगकर्ता बताते हुए नगर निगम में झूठा शपथ पत्र और स्वनिर्धारण विवरणी पेश कर दी।
हेरफेेर करने 2010 का बताया निर्माण
जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दस्तावेजों में जिस निर्माण को 1964 का बताया गया था, उसे आरोपियों ने शपथ पत्र में 2010 का निर्माण बताकर पेश किया ताकि टैक्स की गणना में हेरफेर की जा सके।
अधिकारी की मिलीभगत से हुआ सत्यापन का खेल
इस पूरी साजिश में तत्कालीन राजस्व अधिकारी डॉ. दीपनारायण मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच के अनुसार, डॉ. मिश्रा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी भौतिक सत्यापन या दस्तावेजों के मिलान के आरोपियों द्वारा दिए गए गलत तथ्यों को स्वीकार कर लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर 41,096 रुपये के टैक्स का अनुचित समायोजन भी कर दिया।
ऐसा किया फर्जीवाड़ा
जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि बिना रजिस्ट्री और लीज नवीनीकरण कराए ही कर का निर्धारण कराने से शासन को 20,00,000 के स्टाम्प शुल्क और लीज राशि का नुकसान हुआ। कर समायोजन को मिलाकर कुल 20.41 लाख रुपये की आर्थिक हानि पहुँचाई गई।
ये बने आरोपी, कई रडार पर
ईओउब्ल्यू ने तीरथदास नागदेव, संजना रतलानी, सुनील रतलानी , दीपनारायण मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से नगर निगम के गलियारों में हडक़ंप मच गया है। माना जा रहा है कि विवेचना के दौरान कुछ और नाम भी सामने आ सकते हैं।
