
रतलाम। मंगलवार को आयोजित नगर निगम का साधारण सम्मेलन जमकर हंगामेदार रहा। शुरुआत से ही कांग्रेस पार्षदों ने लाइसेंस शुल्क वृद्धि समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध जताया। चर्चा के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब एक कांग्रेस पार्षद द्वारा वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी कर दी गई। इस पर महापौर और भाजपा पार्षदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सलीम बागबान की टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस पार्षद आमने-सामने आ गए। भाजपा पार्षदों ने माफी की मांग की, लेकिन कांग्रेस पार्षद इसके लिए तैयार नहीं हुए। विवाद बढ़ते-बढ़ते निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा मनोज शर्मा की आसंदी तक पहुंच गया, जिसके चलते करीब आधे घंटे तक बैठक स्थगित करनी पड़ी।
बैठक के बाद महापौर प्रहलाद पटेल के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। इसके जवाब में कांग्रेस पार्षदों ने भी सदन के बाहर सडक़ पर पुतला जलाकर विरोध जताया। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को चूडिय़ां भेंट कर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। स्थिति बिगडऩे पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कांग्रेस का वॉकआउट: लगातार हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षदों ने सम्मेलन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सदन की कार्रवाई भाजपा पार्षदों की मौजूदगी में आगे बढ़ी।
शुरुआत भी रही हंगामेदार: सम्मेलन की शुरुआत भी विवाद के साथ हुई। विपक्षी पार्षद निगम अध्यक्ष की आसंदी के सामने जमीन पर बैठ गए, जिससे करीब आधे घंटे तक कार्यवाही बाधित रही।
महिला पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक: सम्मेलन दोबारा शुरू होने पर भाजपा की महिला पार्षदों ने कांग्रेस पार्षदों को चूडिय़ां भेंट कीं। इसके जवाब में कांग्रेस पार्षद सावरकर से जुड़े दस्तावेज सदन में लहराने लगे, जिससे माहौल और गरमा गया। इसी दौरान एक महिला कांग्रेस पार्षद महापौर को चूडिय़ां देने पहुंचीं, जिन्हें महापौर ने हाथ में लेकर फेंक दिया।
बजट पेश, प्रस्तावों पर चर्चा
कांग्रेस के वॉकआउट के बाद वर्ष 2026-27 का आय-व्यय पत्रक (बजट) प्रस्तुत किया गया, जिस पर भाजपा पार्षदों ने चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की लाइसेंस शाखा में शुल्क वृद्धि, 30 वर्ष की लीज बढ़ाने और भूखंडधारियों की रजिस्ट्री से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
स्थानीय मुद्दों पर भी उठी आवाज
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा पार्षद परमानंद योगी ने अपने वार्ड में बिना सूचना सीवरेज कार्य कराए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारियों पर पार्षदों को विश्वास में न लेने का आरोप लगाया। वहीं, पार्षद शक्तिसिंह राठौर ने पौधरोपण से जुड़े मुद्दे उठाए।
