
मंदसौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को मंदसौर नगर में उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से ऐतिहासिक पथ संचलन निकाला गया। संघ घोष के साथ चार की पंक्तियों में कदमताल मिलाते 6300 स्वयंसेवकों का यह संचलन नगर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बताया गया। नगर की 20 बस्तियों की 44 वाहिनियों के स्वयंसेवकों ने 5 किमी की दूरी 1 घंटे 20 मिनट में तय की। मार्ग में सैकड़ों स्थानों पर स्वागत द्वार, रंगोली, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ नागरिकों ने भव्य स्वागत किया।
संचलन से पूर्व बौद्धिक में प्रांत कार्यवाह श्री विनीत नवाथे ने कहा कि “संघ की यात्रा शून्य से शतक तक पहुंची है, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है। समाज को जाति, स्वार्थ और विभाजन से ऊपर उठकर वसुधैव कुटुंबकम की भावना से पारिवारिक व्यवस्था को पुनर्स्थापित करना होगा।” उन्होंने कहा कि संघ ने 100 वर्षों में हर संकट में समाज की सेवा की है और आज सामाजिक समरसता, पर्यावरण, स्वदेशी व पारिवारिक मूल्यों को अपनाना ही सच्चे धर्म की स्थापना है।
कार्यक्रम में नगर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों एवं मातृशक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अध्यक्षता डॉ. आशीष पी. भट्ट ने की। मंचासीन दशरथ सिंह झाला व विकास आचार्य रहे। संचालन जिला प्रचार प्रमुख शिवाजी सैनी ने किया।
