
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं और छात्र हितों की अनदेखी के विरोध में एन एस यू आई ने मंगलवार को उग्र प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के आरएनटी परिसर में हुए इस जंगी प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने एनएसयूआई से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें छात्र नेता रजक पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। बाद में करीब दो घंटे तक प्रीवेंटिव कार्रवाई के तहत रखने के बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
एनएसयूआई पदाधिकारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में लगातार प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। संगठन के जिला अध्यक्ष रजत सिंह पटेल ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा से छात्र हितों की लड़ाई लड़ता आया है और इस बार भी छात्रों के अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन बिना पूर्व अनुमति के किया गया, जिससे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित होने की आशंका थी। इसी कारण हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया गया। वहीं, एनएसयूआई नेताओं का दावा है कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को पहले ही प्रदर्शन की सूचना दे दी थी और इसकी रसीद भी उनके पास मौजूद है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन ने कोई औपचारिक ज्ञापन प्रस्तुत नहीं किया, जबकि प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए अधिकारी मौजूद थे।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई ने कई प्रमुख मांगें भी उठाईं। इनमें मूल्यांकन विभाग में पारदर्शिता लाना, बीएड परिणामों में
अनियमितताओं को समाप्त करना, सभी छात्र संगठनों को समान अवसर देना, विश्वविद्यालय के ठेकों में कथित भ्रष्टाचार की जांच, तक्षशिला परिसर की लाइब्रेरी को सप्ताहांत में भी खोलना, कर्मचारियों की लंबित मांगों का निराकरण और परिसर में खराब वाटर कूलर को बदलना शामिल है।
