
ब्यावरा। प्रशासन द्वारा ऐसे कई शासकीय भवन जो काफी जर्जर होकर किसी भी दुर्घटना को अंजाम दे सकते है ऐसे भवनों को खाली तो करा लिया गया किंतु कई जर्जर भवन रहवासी क्षेत्र में मौजूद है. तेज बारिश, आंधी में इन भवनों के गिरने का डर बना रहता है, रहवासी क्षेत्र के बीच भवनों के होने से कोई न कोई अनहोनी का भी भय बना रहता है.
उल्लेखनीय है कि नगर सहित जिले भर में में दर्जनों की संख्या में शासकीय स्कूल, विभागों,
कार्यालयों एवं संस्थाओं के भवन काफी पुराने होकर जीर्णशीर्ण अवस्था में है. अधिकतर भवनों को सुरक्षा की दृष्टि से खाली कर दिया गया तो कुछ जगह मजबूरी में जर्जर भवनों में ही संचालन हो रहा है. इन सबके बीच अनेक ऐसे जर्जर भवन घने रहवासी क्षेत्र के बीच में है आसपास लोगों 18
जिनको खाली तो कर दिया गया परन्तु डिस्मेंटल नहीं किया गया. ये भवन अभी खतरा बने हुए है.
पुराना आईटीआई भवन-
स्थानीय इंदिरा नगर में स्थित पुराना आईटीआई भवन बहुत ही बदहाल अवस्था में होकर ढहने लगा है. दीवारे, छत तहस-नहस हो गया है. भवन को देखकर ही इसकी जीर्णशीर्ण अवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है. तेज आंधी, बारिश में भवन को लेकर खतरा बना हुआ है. उक्त भवन के लोगों का आना-जाना लगा रहता है. पुराना आईटीआई भवन एवं इसी तरह कई अन्य
भवन बहुत ही जीर्णशीर्ण अवस्था में रहवासी क्षेत्रों के बीच मौजूद है, इन जर्जर भवनों के आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है. बच्चे खेलते रहते है. ऐसे भवन के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से रोकटोक होना चाहिए ताकि कोई जर्जर भवन के समीप न पहुंच सके.
चौराहा पर पुराना स्कूल भवन- स्थानीय पीपल चौराहा के समीप शासकीय उमावि बड़े स्कूल का दशकों पुराना भवन भी बहुत जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है. यह भवन बीच चौराहा पर रहे है जहां काफी चहल-पहल रहती है.
डिसमेंटल के हो चुके
आदेश-नगर में ही आधा दर्जन शासकीय एवं निजी भवन ऐसे है जो बुरी तरह जीर्णशीर्ण हो चुके है, सर्वे के बाद इनको डिसमेंटल करने निर्देश भी दिए जा चुके है, बावजूद पुराना आईटीआई सहित अन्य जर्जर भवन अनहोनी को आमंत्रण दे रहे है.
पूर्व में हो चुका है हादसा-नगर में जर्जर भवन गिरने के कारण
पूर्व में हादसा हो गया था जिसमें दो लोगों का प्राणांत हो गया था. इस हादसे के बाद भी जर्जर भवनों को लेकर किसी तरह की कोई गंभीरता नहीं देखी जा रही है. मानों किसी अनहोनी का इंतजार हो रहा है.
