नई दिल्ली | दिल्ली हाईकोर्ट आज बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी करने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर सुनवाई करेगा। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ के समक्ष होने वाली इस सुनवाई में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा खुद अपनी दलीलें पेश किए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा को इस मामले की सुनवाई से अलग करने के लिए एक नई अर्जी भी दायर की है। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने ऐसी ही एक मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद अब इस कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।
बता दें कि 27 फरवरी को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि सीबीआई की चार्जशीट में गंभीर विरोधाभास हैं। ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि हजारों पन्नों के दस्तावेजों में पेश किए गए तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते हैं। इसी फैसले को चुनौती देते हुए सीबीआई ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में ट्रायल कोर्ट द्वारा सीबीआई पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पूरक मामलों की आगे की सुनवाई पर भी फिलहाल रोक बरकरार रखी है।
आबकारी मामले में मनीष सिसोदिया को करीब 530 दिन और अरविंद केजरीवाल को कुल 156 दिन जेल में बिताने पड़े थे। केजरीवाल को 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया था। इस मामले में ईडी और सीबीआई ने कई पूरक चार्जशीट दाखिल की हैं, जिनमें बीआरएस नेता के. कविता और अन्य को भी आरोपी बनाया गया है। आज की सुनवाई यह तय करेगी कि क्या निचली अदालत द्वारा आरोपियों को दी गई राहत बरकरार रहेगी या सीबीआई द्वारा पेश किए गए नए तर्कों के आधार पर मामले में दोबारा कानूनी शिकंजा कसेगा।

