
सीहोर। शहर के मंडी क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान नागरिकों का आक्रोश आखिरकार रविवार शाम सड़कों पर उतर आया. कई दिनों से दिन-रात बार-बार हो रही बिजली कटौती से तंग आ चुके लोगों ने माता मंदिर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया. इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
विद्युत वितरण कंपनी की अनियमित कार्यप्रणाली ने शहर भर के नागरिकों को परेशान कर रखा है. दिन में कई बार विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं. हाल ही में आए आंधी तूफान के बाद संपूर्ण शहर कई घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा था. इसके बाद भी बिजली की आवाजाही जारी है. इसी तरह मंडी क्षेत्र के रहवासी पिछले कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं. गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच बार-बार बिजली गुल होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. खासतौर पर दिन में कई-कई बार घंटों तक बिजली बंद रहने से व्यापार, घरेलू कामकाज और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है. कटौती से त्रस्त नागरिकों का कहना है कि बिजली वितरण कंपनी बिना किसी पूर्व सूचना के कटौती कर रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
रविवार को हालात तब बिगड़ गए जब दिनभर में कई बार बिजली कटने के बाद शाम को भी आपूर्ति बाधित रही. इससे नाराज मंडीवासियों ने एकजुट होकर माता मंदिर चौराहे पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की और बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की.
प्रदर्शन के कारण चौराहे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ी. सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा और मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसके साथ ही विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों में बिजली कंपनी के अधिकारियों के प्रति आक्रोश इतना था कि वह सुनने को तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वह माने. अधिकारियों के आश्वासन के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत हुआ और करीब डेढ़ घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया गया. इसके बाद यातायात व्यवस्था पुन: सुचारू हो सकी.
विद्युत कंपनी के अधिकारियों को लिया आड़े हाथ
मौके पर मौजूद नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं. उनका कहना था कि यदि मेंटेनेंस या अन्य कारणों से बिजली कटौती की जाती है तो इसकी पूर्व सूचना दी जानी चाहिए, ताकि लोग अपने कामकाज की योजना बना सकें. अचानक होने वाली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. विद्युत कंपनी के अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि कई बार तकनीकी कारणों और मेंटेनेंस कार्य के चलते बिजली कटौती करनी पड़ती है.उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सूचना के अभाव में लोगों को परेशानी होती है. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आगे से कटौती की पूर्व सूचना देने का प्रयास किया जाएगा और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
गत वर्ष भी किया था लोगों ने चक्काजाम
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी समस्या को लेकर मंडी क्षेत्र के नागरिकों ने चक्काजाम किया था, जिसके बाद कुछ समय के लिए स्थिति में सुधार हुआ था. लेकिन एक बार फिर से हालात पहले जैसे हो गए हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. अब देखना होगा कि प्रशासन और बिजली कंपनी अपने आश्वासन पर कितना खरा उतरते हैं और मंडी क्षेत्र के नागरिकों को इस समस्या से कब तक राहत मिलती है.
