तेहरान, 05 अप्रैल (वार्ता) ईरान के इस्फहान प्रांत में 04 अप्रैल को हुए एक हवाई हमले में अब्दुलफज़्ल देहनवी नामक 20 वर्षीय स्वयंसेवक की मौत हो गई। वह ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के साथ मानवीय सहायता कार्यों में जुटे हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला मोबारकेह काउंटी में हुआ, जहां देहनवी नागरिकों की मदद और राहत कार्यों में लगे थे। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज़ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवार, सहयोगियों और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई है।
बताया गया है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष के दौरान अमेरिकी-इजरायली हमलों में देहनवी की जान गई। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से अब तक चार रेड क्रिसेंट स्वयंसेवकों की ड्यूटी के दौरान मौत हो चुकी है। सभी कर्मी नागरिकों को राहत पहुंचाने और हमलों के बाद बचाव कार्यों में लगे हुए थे। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा है कि मानवीय कार्यों में लगे लोगों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहतकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है। संगठनों ने कड़े शब्दों में अपील की है कि मानवीय कर्मियों की हत्याएं तुरंत रोकी जाएं और उन्हें सुरक्षित वातावरण में काम करने की गारंटी दी जाए। इस घटना के बाद एक बार फिर युद्ध और संघर्ष क्षेत्रों में काम कर रहे राहतकर्मियों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता गहरा गई है।

