
जबलपुर। बड्डा दद्दा ग्राउंड, पिसनहारी तीर्थ के सामने आयोजित श्री 1008 मज्जिनेन्द्र चौबीसी जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्वशांति महोत्सव का समापन पवित्र गजरथ फेरी के साथ अद्भुत आध्यात्मिक माहौल में सम्पन्न हुआ। पहली बार सात रथों का प्रवर्तन कर इस ऐतिहासिक क्षण को और भी भव्य स्वरूप प्रदान किया गया। सुबह आचार्य श्री समयसागर महाराज के सान्निध्य में मोक्ष कल्याणक मनाया गया, जिसमें पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा एवं विभिन्न अनुष्ठान सम्पन्न हुए।
दोपहर में निकली भव्य गजरथ फेरी
गजरथ फेरी दोपहर 1.45 बजे प्रारम्भ हुई। गज पथ पर सात परिक्रमा करती हुई यह फेरी 3 बजे सम्पन्न हुई। सबसे आगे आकर्षक गजरथ की प्रतिकृति, उसके पीछे आचार्यश्री का संघ, आर्यिका माताएँ और बझचारणी बहनें चल रही थीं। मंदसौर का जय जिनेन्द्र बैंड अपनी सुर लहरियों से भक्तिमय वातावरण निर्मित कर रहा था। स्वर्ण रथ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसके सारथी बनने का सौभाग्य रीतेश चौधरी को प्राप्त हुआ। रथों से पात्र रत्नों की वर्षा करते हुए आगे बढ़ रहे थे और चारों ओर इन्द्र–इन्द्राणियां मंगल–गान कर रही थीं।
विशाल जनसमूह ने लिया दिव्य दर्शन का लाभ
सुबह से ही श्रद्धालु गजरथ स्थल पर जुटने लगे थे। 11 बजे तक गज पथ के चारों ओर अपार भीड़ उमड़ आई। दिगम्बर जैन पंचायत सभा, नवयुवक सभा, संरक्षिणी सभा सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन का दायित्व प्रतिष्ठाचार्य ने निभाया जबकि अन्य व्यवस्थाओं का संचालन अमित पडरिया ने किया।
मोक्ष कल्याणक का अलौकिक दृश्य
आचार्य श्री ने इन्द्र–इन्द्राणियों एवं विशाल जनसमूह को मोक्ष की शाश्वतता व संसार के बंधनों की क्षणभंगुरता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शाश्वत सुख चाहिए तो लोभ का त्याग करो। तप भीड़ में नहीं, एकांत में फलित होता है। शाम 7 बजे प्रभु का निर्वाण दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए अविस्मरणीय बन गया।
