ओंकारेश्वर : नगर परिषद ओंकारेश्वर में पार्किंग ठेके से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेका समाप्त होने के बाद ठेकेदार ने नगर परिषद द्वारा जारी रसीद कट्टों को कार्यालय में जमा करने के बजाय सड़कों पर फेंक दिया, जिन्हें बाद में सफाई कर्मचारियों ने कचरा गाड़ी में डालकर टेंशन ग्राउंड पर फेंक दिया। मामला सामने आते ही शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद ओंकारेश्वर ने वर्ष 2024-25 के लिए पार्किंग का ठेका करीब 2 करोड़ 15 लाख रुपए में चंद्रशेखर खंडेलवाल को दिया था। यह ठेका 31 मार्च को समाप्त हो गया। नियम के अनुसार ठेके की अवधि खत्म होने के बाद नगर परिषद द्वारा जारी सभी रसीद कट्टे वापस कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होता है, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने ऐसा न करते हुए रसीद कट्टों को सड़कों पर फेंक दिया।
बताया जा रहा है कि सड़क पर पड़े इन रसीद कट्टों को सफाई कर्मचारियों ने कचरा वाहन में डालकर टेंशन ग्राउंड में फेंक दिया। इस मामले को लेकर समाजसेवी प्रदीप ठाकुर ने कलेक्टर और नगर परिषद प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।इधर नगर परिषद की पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्ष 2026-27 के लिए हाल ही में पार्किंग ठेके की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया की गई थी। इसमें ठेका 5 करोड़ 29 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंचने के बाद भी ठेकेदारों ने हाथ खड़े कर दिए। अब नगर परिषद को पुनः नीलामी प्रक्रिया करनी पड़ेगी। इससे साफ है कि निकाय की पार्किंग व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और नियमों की अवहेलना हो रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
ठेकेदार चंद्रशेखर खंडेलवाल से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।नगर परिषद सीएमओ मोनिका पार्धी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। पार्किंग ठेकेदार को राजस्व निरीक्षक द्वारा विधिवत रसीद बुक जारी की जाती है और नियम के अनुसार ठेका समाप्त होने पर रसीद बुक जमा करना अनिवार्य होता है। पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।वहीं कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है, पूरे प्रकरण को दिखवाया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
