छतरपुर:सरहद पर देश की रक्षा करने वाले एक रिटायर्ड फौजी को अपने ही हक की जमीन के लिए अपनों के बीच असुरक्षित महसूस करना पड़ा। ईसानगर थाना क्षेत्र के परापट्टी गांव में जमीन विवाद ने उस वक्त बड़ा मोड़ ले लिया, जब अजाक्स थाने के ठीक बाहर रिटायर्ड हवलदार रविंद्र मिश्रा को खुलेआम धमकी दी गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को रिटायर्ड फौजी को करीब 03 घंटे तक थाने के भीतर कड़ी सुरक्षा में रखना पड़ा।
06 साल पुराना विवाद, जो बन गया नासूर
मामले की जड़ वर्ष 2018 में है, जब रविंद्र मिश्रा ने रामदयाल अहिरवार से लगभग 03.25 एकड़ जमीन खरीदी थी। लेन-देन के बाद जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच खींचतान शुरू हुई, जो समय के साथ रंजिश में बदल गई। समझौता कराने के उद्देश्य से पुलिस ने दोनों पक्षों को अजाक्स थाने बुलाया था। अंदर सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन बाहर की तस्वीर कुछ और ही थी।
थाना प्रभारी के सामने ही हंगामा और गाली-गलौज
जैसे ही समझौता प्रक्रिया पूरी हुई और रविंद्र मिश्रा घर जाने के लिए निकले, थाने के बाहर पहले से मौजूद रामदयाल अहिरवार, सुनील अहिरवार और उनके समर्थकों ने उपद्रव शुरू कर दिया। थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव की मौजूदगी में ही गाली-गलौज और हंगामे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए।
मदद के लिए पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस
बिगड़ते हालात को देख थाना प्रभारी ने तुरंत नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) अरुण सोनी को मामले की जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने से पहले ही उपद्रवी मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस सुरक्षा के घेरे में रविंद्र मिश्रा को सिटी कोतवाली लाया गया, जहाँ उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, जांच तेज
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें थाने के बाहर मचे घमासान की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
