ग्वालियर:प्रथम स्वतन्त्रता समर की अमर वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की शहादत की 167वीं वर्षगांठ पर 17 व 18 जून को ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर में दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेला आयोजित होगा। आज शनिवार को भूमिपूजन किया जाएगा। बलिदान मेले में 18 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन भी प्रस्तावित है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में 18 जून को सायंकाल वीरागना सम्मान, क्रांतिवीर वंशज सम्मान व शहीद परिजन सम्मान समारोह आयोजित होगा।
इसके बाद इसी मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा, जिसमें देश के सुप्रतिष्ठित कवि काव्यपाठ करेंगे।बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष, पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने झांसी की रानी की समाधि पर सन 2000 से निरंतर आयोजित होने वाले 26वें आयोजन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। पवैया ने बताया कि 18 जून को सायं प्रमुख समारोह में रानी के जीवन पर आधारित जीवंत घोड़ा, बग्गी व 200 पात्रों द्वारा खूब लड़ी मर्दानी महानाट्य का मंचन होगा।
शहीद मंगल पाण्डे के साथी शहीद दुर्गा सिंह (प्रथम) के प्रपोत्र को क्रांतिकारी वंशज सम्मान तथा शौर्य चक्र से सम्मानित चंबल के शहीद विवेक तोमर की धर्मपत्नी को शहीद परिजन सम्मान दिया जायेगा। पूर्व मंत्री पवैया ने बताया कि स्वराज संस्थान ने भारत की प्रख्यात शिक्षाविद् पीठ की सुश्री इंदुमति ताई काटदरे को लक्ष्मीबाई सम्मान मेला के मंच पर प्रदान करने का निर्णय किया है। सम्मान समारोह के विशेष अतिथि प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र लोधी व अध्यक्षता दंदरौआ सरकार महामण्डलेश्वर रामदास महाराज करेंगे।
