इंदौर: प्रशासन ने हातोद की ब्लूमबर्ग आर्किड पार्क कॉलोनी के बंधक प्लॉट जप्त करने के आदेश दिए है. प्रशासन अब उक्त प्लॉटों को बेचकर स्मार्ट सिटी से कॉलोनी का विकास करवाएगा. प्रशासन ने विवादित बिल्डर प्रफुल्ल सकलेचा की ब्लूमबर्ग आर्चिड पार्क कॉलोनी के बंधक करीब 180 प्लॉट जब्त करने की कारवाई के आदेश दिए है. उक्त कॉलोनी को लेकर कई पीड़ितों ने कलेक्टर आशीष सिंह को शिकायत की थी.
इसके बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए. जांच में उक्त ब्लूमबर्ग अब आर्चिड पार्क कॉलोनी में विकास अनुमति 2012 में संगीता बाई एवं दीपक भोंसले के नाम से जारी कर दी गई थी. इसके बावजूद कॉलोनाइजर ने विकास नहीं किया. साथ कई प्लॉट डायरी पर बेचने और रजिस्ट्री नही करने की जानकारी सही पाई गई. साथ ही कॉलोनाइजर प्रफुल सकलेचा और रामेश्वर पटेल उर्फ गुड्डा पटेल पर कारवाई करने के आदेश भी जारी किए है.
उधर,प्रशासन ने जांच में 2012 विकास अनुमति मिलने बावजूद 13 साल में कॉलोनी का डेवलपमेंट भी करने के चलते बंधक 180 प्लॉट जब्त करने के आदेश दिए है. उक्त प्लॉटों को प्रशासन बेचकर स्मार्ट सिटी कंपनी से विकास कार्य करवाएगा. इस दौरान बंधक प्लॉटों के अलावा अन्य प्लॉट भी को बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है
