
छिंदवाड़ा। शहर के ऐतिहासिक टाउन हॉल को गीता भवन के रूप में विकसित करने की दिशा में कवायत तेज हो गई है। इसी क्रम में महापौर विक्रम अहके ने निगम आयुक्त सी.पी. राय के साथ टाउन हॉल निरीक्षण कर आगामी निर्माण कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा की. महापौर ने बताया कि प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों में गीता भवन का निर्माण कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य नागरिकों को धार्मिक-सांस्कृतिक शिक्षा, लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. नगर निगम द्वारा टाउन हॉल का नवीनीकरण कर इसे आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा. प्रस्तावित गीता भवन में लगभग 126 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, प्रदर्शनी क्षेत्र, कैफेटेरिया और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही भवन के आंतरिक ढांचे में आवश्यक सुधार और उन्नयन भी किया जाएगा. महापौर विक्रम अहके ने बताया कि यह गीता भवन शहर में सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, रिक्रिएशन और रिफ्रेशमेंट का प्रमुख केंद्र बनेगा.
स्वयं की आय से होगा खर्च
इसका संचालन इस तरह किया जाएगा कि खर्च स्वयं की आय से पूरा हो सके. महापौर ने इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। नगर निगम को इस विकास कार्य के लिए 2.5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है. इस अवसर पर निगम के सहायक यंत्री विवेक चौहान, जल सभापति अरुणा मनोज कुशवाह, मनोज सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा नया जीवन ०००००
टाउन हॉल, जिसे स्किनर हॉल के नाम से भी जाना जाता है, का निर्माण वर्ष 1906-07 में हुआ था. यह भवन शहर की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों में शामिल है. इसके निर्माण में उस समय के कई प्रमुख नागरिकों का योगदान रहा, जिसकी जानकारी भवन में लगी शिला से मिलती है. इस भवन से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पुरानी नगर पालिका के कार्यों की यादें भी जुड़ी हैं. छिंदवाड़ा नगर पालिका का गठन वर्ष 1867 में हुआ था और नगर का इतिहास करीब 153 वर्ष पुराना है. अब इस ऐतिहासिक धरोहर के जीर्णोद्धार के साथ इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे शहर को एक नया सांस्कृतिक केंद्र मिलने की उम्मीद है.
