मोला नदी के पुल पर मौत का मोड़, बिना रेलिंग और संकेतक के जोखिम में जिंदगियां

अशोकनगर। बहादुरपुर कस्बे में मोला नदी पर बने पुल का 45 डिग्री का तीखा मोड़ इन दिनों दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस खतरनाक मोड़ पर न तो कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही जहां से वाहन पुल की ओर मुड़ते हैं, वहां सुरक्षा रेलिंग मौजूद है। ऐसे में बहादुरपुर से मुंगावली की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए यह स्थान बेहद जोखिम भरा बन गया है।

मुंगावली निवासी शिक्षक तिलक सिंह दांगी ने बताया कि हाल ही में रात के समय इस मार्ग से गुजरते हुए उनका वाहन इस मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलटते-पलटते बचा। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बंगला चौराहा से मुंगावली के बीच बहादुरपुर में मोला नदी पर पहले अंग्रेजों के समय का पुल था। करीब 25 साल पहले लोक निर्माण विभाग (PWD) ने यहां नया पुल बनाया, जिससे सड़क पर खतरनाक मोड़ बन गया। बाद में यह मार्ग एमपीआरडीसी के अधीन आया और अब राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने के बाद इसकी जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंप दी गई है। बावजूद इसके, पुल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी की जा रही है।

निवासी विक्की साहू ने बताया कि कुछ महीनों पहले एक लोडिंग वाहन इस मोड़ पर अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गया था। हालांकि वाहन नदी में गिरने से बच गया, लेकिन रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद टूटी रेलिंग को असामाजिक तत्व उखाड़कर ले गए, जिससे अब खतरा और बढ़ गया है।

हाल ही में एनएचएआई के अधिकारी निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे थे, लेकिन इस गंभीर समस्या पर उनका ध्यान नहीं गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द यहां संकेतक बोर्ड और मजबूत रेलिंग लगाने की मांग की है, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।

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