इंदौर: इंदौर विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को सालाना बजट पेश किया. बजट में पिछले बजट में किए प्रावधान हटा दिए गए और उनकी जगह नए प्रस्ताव रख दिए गए. इससे जाहिर होता है कि बजट में विकास के प्रावधान सिर्फ दिखावटी होते है ऑफ प्राथमिकता कुछ और होती है,आईडीए ने इस साल अपना मूल बजट पेश किया, इसकी तारीफ की जा सकती है, क्योंकि आईडीए ने साल की आय और व्यय की राशि पर योजना और प्रस्ताव बनाए है. यह अच्छी पहल मानी जा सकती है कि मूल कमाई पर खर्च तय किया गया है. इससे उलट एक गलती भी कर दी है कि पुराने बजट में किए प्रावधान को हटा दिया गया या उन प्रस्तावों के आगे बढ़ाने के लिए बजट में राशि नहीं रखी गई.
इसको ऐसा देखा जा सकता है कि पिछला बजट 1597 करोड़ रुपए का पेश किया गया था और उसमें चलित योजनाओं के लिए राशि आवंटित की गई थी. इसके उलट बजट में धार और भोपाल रोड पर आईएसबीटी का प्रावधान, टिगरिया बादशाह तालाब का सौंदर्यीकरण, मोरोद में नई अनाज मंडी निर्माण और एमआर-12 का एक तरफ का 3 लेन फ्लाई ओवर ब्रिज जैसे काम के प्रस्ताव के लिए राशि आवंटित नहीं की गई हैं. वहीं इस साल बजट में 3 फ्लाई ओवर निर्माण, इलेक्टि्रफिकेशन कार्य हेतु 11 सौ करोड़, 1800 सौ करोड़ पीपीपी मॉडल पर कन्वेंशन सेंटर, स्टार्टअप पार्क निर्माण और 1000 हजार करोड़ से विभिन्न खेल गतिविधियों के लिया नए स्टेडियम का प्रावधान है.
प्रावधान को लेकर प्राथमिकता बदली
कहने का तात्पर्य यह है कि शहर से बाहर जाने वाले रास्तों पर आईएसबीटी और तालाब की सीमा बंधना उतना आवश्यक नहीं है, जिसका पिछले बजट में प्रावधान किया गया था. अब उक्त प्रावधान को लेकर प्राथमिकता बदल गई है, ऐसा माना जा सकता है
