कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले की पटकथा आज भवानीपुर की गलियों में लिखी जा रही है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गरिमामयी मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहे हैं। भाजपा ने इस मौके को एक विशाल रोड शो और शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया है, जो सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक गढ़ को चुनौती दे रहा है। अमित शाह का व्यक्तिगत रूप से सुवेंदु के साथ नामांकन में शामिल होना यह स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें बंगाल में बदलाव के सबसे बड़े चेहरे के रूप में पेश कर दिया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या सुवेंदु अधिकारी साल 2021 के नंदीग्राम वाले करिश्मे को भवानीपुर में दोहरा पाएंगे। पिछले चुनाव में सुवेंदु ने ममता बनर्जी को उनके घर में मात देकर इतिहास रचा था, और अब वे कोलकाता के दिल यानी भवानीपुर में दीदी को घेरने पहुंचे हैं। सुवेंदु पहले ही नंदीग्राम से अपना पर्चा भर चुके हैं और अब भवानीपुर से चुनाव लड़कर उन्होंने इस मुकाबले को व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की जंग बना दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि अमित शाह के इस दौरे ने सुवेंदु को मुख्यमंत्री पद के अघोषित चेहरे के रूप में स्थापित करने की अटकलों को और पुख्ता कर दिया है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर उनकी राजनीतिक पहचान का केंद्र है, जहाँ से उन्होंने अपने सत्ता के सफर की शुरुआत की थी। नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर ने ही उन्हें उपचुनाव में जीत दिलाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बरकरार रखा था। ममता बनर्जी आगामी 8 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगी, जिसके लिए तृणमूल कांग्रेस ने कालीघाट से एक भव्य पैदल मार्च की तैयारी की है। भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर घिरी ममता सरकार के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। अब देखना यह होगा कि भवानीपुर की जनता अपने पुराने ‘दीदी’ के भरोसे पर कायम रहती है या सुवेंदु की ‘परिवर्तन’ की लहर को चुनती है।

