
रतलाम। जावरा फाटक अंडर ब्रिज से सेजावता फंटा तक बने फोरलेन सडक़ निर्माण की गुणवत्ता जांच शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग की उच्च स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और सडक़ का निरीक्षण करते हुए विभिन्न स्थानों से सैंपल लेकर परीक्षण के लिए संग्रहित किए।
मंत्री के दखल के बाद अब 4.12 किलोमीटर लंबे सीमेंट कांक्रीट फोरलेन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विभागीय स्तर पर जांच तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप द्वारा सडक़ निर्माण में गुणवत्ता संबंधी शिकायतें और अनियमितताओं की जानकारी दिए जाने के बाद विभाग के मुख्य अभियंता ने जांच समिति का गठन किया था। बताया जा रहा है कि मंत्री काश्यप को स्थानीय स्तर पर सडक़ निर्माण में गुणवत्ता की कमी की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता से चर्चा कर तत्काल जांच के निर्देश दिए। इससे पहले एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह से भी पूरे मामले पर चर्चा की थी। मंत्री राकेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। सडक़ निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के लिए गठित समिति में एस.आर. गोरखेड़े, प्रभारी मुख्य अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग इंदौर परिक्षेत्र, मयंक शुक्ला, प्रभारी अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग राजधानी परिक्षेत्र भोपाल तथा गणेश प्रसाद पटेल, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन मंडल शामिल हैं। समिति द्वारा विस्तृत जांच के बाद प्रतिवेदन शासन को सौंपा जाएगा।
शिकायत पर मंत्री काश्यप ने किय दखल, दिए जांच के निर्देश
मंत्री काश्यप को स्थानीय स्तर पर सडक़ निर्माण में गुणवत्ता की कमी की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता से चर्चा कर तत्काल जांच के निर्देश दिए। इससे पहले एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह से भी पूरे मामले पर चर्चा की थी। मंत्री राकेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे।
