नयी दिल्ली, 01 अप्रैल (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लखनऊ की विशेष पीएमएलए अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है।
ईडी द्वारा दायर आवेदन को अधिनियम की धारा 4 और 12 के तहत स्वीकार करते हुए विशेष पीएमएलए न्यायाधीश (एसी/सीबीआई, पश्चिम) ने मोहम्मद इकबाल को औपचारिक रूप से भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित किया है।
अदालत ने आरोपी की करीब 995.75 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश भी दिया। इन संपत्तियों में तीन शुगर मिल शामिल हैं, जो डायनेमिक शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड, हनीवेल शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड और मैलो इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से संचालित थीं।
अदालत ने पाया कि मोहम्मद इकबाल आपराधिक मुकदमे से बचने के लिए भारत छोड़कर दुबई में रह रहा है और वापस आने से इनकार कर रहा है। विशेष अदालत ने 24 नवंबर 2025 को मोहम्मद इकबाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। वहीं, संबंधित कंपनियों द्वारा अधिनियम की धारा 10(2) के तहत दायर आपत्तियों को अदालत ने खारिज कर दिया।
ईडी ने यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत शुरू की थी, जो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ एसीबी शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर थी। इसमें उत्तर प्रदेश में शुगर मिलों की कथित रूप से कम कीमत पर बिक्री का मामला सामने आया था।
अदालत ने माना कि जब्त की गई संपत्तियां “अपराध की आय” की श्रेणी में आती हैं। ये संपत्तियां पहले ही पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से कुर्की की जा चुकी थीं, जिसकी पुष्टि 28 जुलाई 2025 को निर्णायक प्राधिकरण द्वारा की गई थी।
विशेष पीएमएलए न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने आदेश दिया कि संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही आरोपी से जुड़ी तीनों शुगर मिलों को जब्त करने का निर्देश दिया गया, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1,000 करोड़ रुपये है।
ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने और कानून से बचने वाले आरोपियों को न्याय के दायरे में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
