
सलामतपुर। भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 स्थित बालमपुर घाटी में कल देर रात बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में एक ट्राला अनियंत्रित होकर खाई में उतर गया। राहत की बात यह रही कि चालक सुरक्षित बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंधे मोड़ पर अचानक वाहन सामने आने से चालक संतुलन खो बैठा। ट्राला गुजरात से सागर जा रहा था। उल्लेखनीय है कि बालमपुर घाटी पर पिछले एक वर्ष में 100 से अधिक हादसे हो चुके हैं। सुरक्षा के लिए लगाए गए रेलिंग, रेडियम पट्टियां और अन्य उपाय भी प्रभावी साबित नहीं हो सके। पूर्व में ब्रेक फेल और पलटने जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
इनका कहना है
स्टेट हाइवे 18 पर यातायात का अत्यधिक दवाब रहता है। बालमपुर घाटी पर अंधा मोड़ होने की वजह से भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी संकेतक बोर्ड नही लगाए हैं। इसीलिए यहां पर आए दिन हादसे बढ़ रहे हैं। इस हाइवे को शीघ्र ही 4 लाईन किया जाए। लोग तो अब इस सड़क को खूनी सड़क भी कहने लगे हैं।
गिरजेश नायक, सरपंच दीवानगंज।
में प्रतिदिन सलामतपुर से भोपाल मोटरसाइकिल से अपडाउन करता हूं।अब तो हाइवे 18 पर सफर करने में डर लगने लगा है। सड़क पर वाहन अंधी रफ्तार से चल रहे हैं। इनकी गति पर पुलिस व यातायात विभाग का नियंत्रण नही है। जिसकी वजह से प्रतिदिन सड़क हादसे हो रहे हैं। ज़िम्मेदार एमपीआरडीसी व पुलिस विभाग को इन तेज़ रफ़्तार वाहनों पर कार्रवाई करनी चाहिए। अब तो बालमपुर घाटी से होकर भोपाल जाने में जान का खतरा लगा रहता है कि कहीं कोई दुर्घटना ना हो जाए।
साजिद खान, स्थानीय निवासी सलामतपुर।
