मुंबई | अपनी दमदार आवाज और गंभीर अभिनय के लिए मशहूर अभिनेता शरद केलकर ने ‘अप्रैल फूल डे’ के मौके पर अपने व्यक्तित्व के एक अनछुए पहलू का खुलासा किया है। शरद ने बताया कि पर्दे पर उनकी छवि भले ही सख्त और गंभीर नजर आती हो, लेकिन असल जिंदगी में वे काफी जिंदादिल और मजाकिया इंसान हैं। उन्होंने साझा किया कि वे अक्सर अपने दोस्तों और परिवार के साथ हल्के-फुल्के प्रैंक (मजाक) करते रहते हैं। शरद के अनुसार, ये छोटे-छोटे पल न केवल तनाव को कम करते हैं, बल्कि जीवन को अधिक खुशहाल और यादों से भरपूर बना देते हैं।
शरद केलकर का मानना है कि प्रैंक तभी मजेदार होता है जब वह किसी की भावनाओं को ठेस न पहुँचाए। शूटिंग के लंबे और थकाऊ घंटों के दौरान वे अक्सर सेट पर प्रैंक के जरिए माहौल को हल्का बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनका कहना है कि जब कैमरा बंद होता है, तो वे पूरी टीम के साथ मस्ती-मजाक करते हैं ताकि क्रू और साथी कलाकारों की थकान दूर हो सके। शरद के मुताबिक, काम के प्रति फोकस्ड रहना जरूरी है, लेकिन बीच-बीच में की गई मस्ती टीम के बीच बेहतर तालमेल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
अभिनेता ने इस बात पर जोर दिया कि हंसी और मजाक को केवल ‘अप्रैल फूल डे’ तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मजाक नेक इरादे से किया जाए, तो यह रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाता है। शरद ने अपने प्रशंसकों को संदेश दिया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मुस्कुराहट ही सबसे बड़ी दवा है। उनके अनुसार, जब लोग एक साथ हंसते हैं, तो काम का बोझ कम महसूस होता है और परिणाम भी बेहतर आते हैं, इसलिए हर दिन को खुशी के साथ जीना चाहिए।

