पुडुचेरी | पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 9 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर कामराज नगर निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। 30 सदस्यीय विधानसभा की यह 10वीं सीट इस बार ‘किंगमेकर’ के रूप में उभर रही है, जहां महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक होगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र के कुल 34,676 पंजीकृत मतदाताओं में महिलाओं की संख्या 18,214 है, जो पुरुष मतदाताओं (16,456) से कहीं अधिक है। 1107 के उच्च लिंगानुपात वाली इस सीट पर राजनीतिक दलों का पूरा ध्यान अब महिला सुरक्षा, स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाओं के वादों पर केंद्रित हो गया है।
साल 2021 के चुनावों ने कामराज नगर के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया था, जब भाजपा के ए. जॉनकुमार ने कांग्रेस के दिग्गज एम.ओ.एच.एफ. शाहजहां को 7,229 मतों के बड़े अंतर से हराकर कमल खिलाया था। जॉनकुमार को तब 56.11 प्रतिशत वोट मिले थे, जो उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता को दर्शाता है। हालांकि, उससे पहले यह क्षेत्र लंबे समय तक कांग्रेस का अभेद्य किला रहा था। अब 2026 के रण में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा अपनी जीत की लय बरकरार रख पाएगी या कांग्रेस अपने इस पुराने गढ़ को वापस छीनने में सफल होगी। इस मुकाबले में ‘नाम तमिलर काची’ (NTK) जैसे क्षेत्रीय दल भी अपनी जमीन तलाश रहे हैं।
कामराज नगर का चुनावी इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2011 और 2016 में कांग्रेस के कद्दावर नेता वे. वैथिलिंगम ने यहां से लगातार दो बार जीत दर्ज की थी, जो क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ का प्रमाण था। ओझुकरई नगर पालिका के पांच वार्डों में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति काफी जागरूक माने जाते हैं, जिसका अंदाजा 2021 में हुए 76.78 प्रतिशत के भारी मतदान से लगाया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार भी ऊंचे मतदान प्रतिशत और जागरूक महिला वोटरों के कारण परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं, जो पूरे पुडुचेरी की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

