सरगुजा | छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ की कुश्ती स्पर्धा का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। चार दिनों तक चली इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में देशभर के जनजातीय खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक और रणनीति का लोहा मनवाया। परिणामों के अनुसार, पुरुष वर्ग में हिमाचल प्रदेश ने अपनी बादशाहत कायम करते हुए ओवरऑल चैंपियन की ट्रॉफी जीती, जबकि जम्मू-कश्मीर फर्स्ट रनरअप रहा। वहीं, महिला वर्ग में असम की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया, जिसमें झारखंड की टीम फर्स्ट रनरअप के स्थान पर रही।
इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान नवीश कुमार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। नवीश ने बताया कि उन्होंने दो साल बाद मैट पर वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। हिमाचल की महिला कोच अंकिता ठाकुर के अनुसार, उनके राज्य के 15 खिलाड़ियों के दल ने कुल चार गोल्ड, पांच सिल्वर और कई ब्रॉन्ज मेडल जीतकर ऑल ओवर टूर्नामेंट की ट्रॉफी पर कब्जा किया। स्वर्ण पदक विजेताओं को सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के उभरते खिलाड़ियों को भविष्य में अपनी डाइट और ट्रेनिंग की सुविधाओं को बेहतर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
समापन समारोह के दौरान खिलाड़ियों और कोचों ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी और आयोजन की जमकर प्रशंसा की। महिला कोच अंकिता ठाकुर ने कहा कि अब हिमाचल और असम जैसे राज्यों की लड़कियां भी कुश्ती में लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। हालांकि, उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि जनजातीय बच्चों में अपार शक्ति और स्ट्रेंथ है, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने के लिए और अधिक बेहतर कोच, आधुनिक डाइट प्लान और विश्वस्तरीय सुविधाओं की आवश्यकता है। इस आयोजन ने सिद्ध कर दिया है कि यदि सही मंच मिले, तो देश के दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों से भी विश्वस्तरीय पहलवान निकल सकते हैं।

