जबलपुर: तीन साल पहले जबलपुर के अभिभावकों को दुकानों पर स्कूल सामग्री के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ती थी, लेकिन जिला प्रशसन की इस पहल ने पालकों को बड़ी राहत दी है। यह मेला न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि सभी पुस्तक प्रेमियों के लिए भी एक बेहतरीन सौगात है। यहाँ स्कूल की समस्त सामग्री किफायती दामों पर उपलब्ध है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
उक्त बातें पुस्तक मेला के सातवें दिन जिला पंचायत के उपाध्यक्ष विवेक पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में कहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त संचालक पी पी सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों ने माँ सरस्वती के पूजन के साथ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त संचालक पी पी सिंह ने पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद के ‘गोदान’ जैसे साहित्य को पढ़ते समय पात्र सजीव हो उठते हैं। उन्होंने पठन-पाठन की महत्ता बताते नागरिकों का आह्वान किया कि डिजिटल युग में भी स्वाध्याय के लिए समय निकालें, क्योंकि पुस्तक पढ़ने का आनंद अद्वितीय है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी बने मनोरंजन का साधन
जिला पंचायत के उपाध्यक्ष विवेक पटेल ने शिक्षा विभाग की पूरी टीम और शिक्षकों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ खरीदारी के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन पालकों और बच्चों के लिए मनोरंजन का साधन भी बना हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह मेला हर साल इसी तरह आयोजित होता रहेगा।
20 से 50 प्रतिशत तक मिल रही छूट
जिला प्रशासन द्वारा न्यूनतम एवं प्रतिस्पर्धी दरों पर निजी स्कूलों की पाठ्य पुस्तकें और यूनिफार्म उपलब्ध कराने गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक परिसर में आयोजित किये जा रहे बारह दिनों के पुस्तक मेला में सातवें दिन भी बड़ी संख्या में बच्चों और उनके अभिभावकों ने रियायती दरों पर कॉपी-किताबें यूनिफार्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री पर 20 से 50 प्रतिशत तक मिल रही छूट का लाभ उठाया।
