नयी दिल्ली, 31 मार्च (वार्ता) ईरान ने कहा है कि दवाइयों और चिकित्सकीय उपकरणों को लेकर उसके यहां पहुंचे एक नागरिक विमान पर अमेरिका-इजरायल का हमला “युद्ध अपराध” है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
भारत स्थित ईरान के दूतावास ने कल देर रात सोशल मीडिया में यह जानकारी साझा की। दूतावास ने इस बयान में कहा गया कि अमेरिका ने विभिन्न देशों से दवाइयां और चिकित्सा सामग्री लेकर उसके मशहद हवाई अड्डे पर उतरे ईरानी नागरिक विमान को निशाना बनाया। यह मानवीय मिशनों पर सीधा हमला है। बयान में हमले की कड़ी निंदा की गयी।
बयान में कहा गया कि मानवीय सहायता से जुड़े नागरिक विमानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों का खुला उल्लंघन है और यह मानवीय कानून के सिद्धांतों के भी विरुद्ध है।
संगठन के अनुसार, शिकागो सम्मेलन 1944 और मॉन्ट्रेयल सम्मेलन 1971 के तहत नागरिक विमानों की सुरक्षा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दंडनीय अपराध मानी जाती है।
इसके अतिरिक्त, जिनेवा संधियों के अतिरिक्त प्रोटोकॉल-1 के अनुच्छेद 52 के तहत मानवीय सहायता ले जा रहे विमानों सहित नागरिक वस्तुओं पर हमला युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।
ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा नागरिक उड्डयन के विरुद्ध ऐसे खतरों की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।
