सीहोर। मानसून में कम बारिश होने के कारण शहर की प्यास बुझाने का दारोमदार निभाने वाले भगवानपुरा तालाब, जमोनिया तालाब और पार्वती नदी पर बने काहिरी बंधान के पानी को जिला प्रशासन द्वारा भले ही शहर की प्यास बुझाने के लिए आरक्षित कर दिया है. इसके बाद भी पानी की चोरी नहीं थम रही है. रविवार को नपा के अमले ने काहिरी बंधान से पड़ोसी जिले शाजापुर के किसानों की आधा दर्जन मोटर जब्त करने की कार्रवाई को अंजाम दिया है.
जिले में इस वर्ष अल्पवर्षा के चलते सभी जलस्रोतों में पानी का स्तर लगातार घटता जा रहा है. ऐसे हालात में शहर की पेयजल आपूर्ति बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए प्रमुख जलस्रोत जमोनिया तालाब, भगवानपुरा तालाब और पार्वती नदी पर बने काहिरी बंधान के पानी को आरक्षित घोषित किया है. जिला कलेक्टर बालागुरू के ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नदी- तालाब में पेयजल के लिए संरक्षित पानी का दुरुपयोग न हो सके तथा इसकी चोरी पर भी सख्ती से लगाम कसी जाए. इसके बावजूद कुछ किसान चोरी-छिपे इस पानी का उपयोग सिंचाई के लिए कर रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है.
रविवार को नगर पालिका के अमले ने सहायक यंत्री विजय कोली, उपयंत्री वैभव लोवानिया के निर्देशन में काहिरी बंधान क्षेत्र में सघन कार्रवाई करते हुए पेयजल की चोरी कर रहे किसानों पर शिकंजा कसा. निरीक्षण के दौरान सामने आया कि पड़ोसी जिले शाजापुर के किसान अवैध रूप से मोटर पंप लगाकर बंधान से पानी खींच रहे थे और उसे अपनी फसलों की सिंचाई में उपयोग कर रहे थे. यह पानी विशेष रूप से शहर की पेयजल जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा गया है, ऐसे में इसका दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय बन गया है.
नपा की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए पांच- पांच हार्सपावर के लगभग आधा दर्जन मोटर पंप जब्त किए. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेयजल स्रोतों से इस प्रकार पानी निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि यदि इस तरह की गतिविधियां नहीं रोकी गईं, तो आने वाले दिनों में शहर में जल संकट गहरा सकता है. स्थानीय प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पेयजल स्रोतों का सम्मान करें और सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति या किसान इस तरह की अवैध गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जल संकट की इस स्थिति में उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण व उनका उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए नहीं किया गया तो गर्मी में लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है.
लगातार कर रहे निगरानी
कलेक्टर के निर्देश पर जलस्त्रोतों की लगातार निगरानी की जा रही है. इसी तारतम्य में रविवार को काहिरी बंंधान से छह मोटर जब्त की गई हैं. आगे भी अमले द्वारा सतत निगरानी का सिलसिला जारी रहेगा.
विजय कोली,
सहायक यंत्री, नपा सीहोर
