इंदौर:शिव वाटिका टाउनशिप में इंजीनियर महिला पर कार चढ़ाकर मौत के घाट उतारने वाले पिता-पुत्र से लसूड़िया थाना पुलिस की पूछताछ जारी है. वहीं इस मामले में नई जानकारी सामने आई है. आरोपी पिता-पुत्र के साथ दो विदेशी महिलाओं का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी है. फिलहाल आरोपी पिता-पुत्र दो दिन के रिमांड पर हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में पेंट हाउस मालिक कुलदीप चौधरी और उसका बेटा मोहनीश दो महिलाओं को लिफ्ट से पेंट हाउस की ओर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. दोनों महिलाएं बुरके में थीं, हालांकि लिफ्ट का इंतजार करते समय एक महिला का चेहरा कैमरे में स्पष्ट कैद हुआ है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दोनों महिलाओं को बिल्डिंग के बारे में जानकारी देते हुए उनसे बातचीत कर रहे थे. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये महिलाएं भारत में कहां से आईं और उनका आरोपियों से क्या संबंध है. इमारत के निवासियों द्वारा पहले से ही पेंट हाउस में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की जा रही थी. जांच में यह भी सामने आया है कि पेंट हाउस को एयर बीएनबी एप के माध्यम से किराए पर दिया जाता था. फिलहाल आरोपी कुलदीप चौधरी और मोहनीश पुलिस रिमांड पर हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों से पूछताछ कर मामले के हर पहलू की जांच कर रही है.
बेटे ने कार से महिला कर्मचारी और शंपा पांडे को रौंदा था
दरअसल, शिव वाटिका टाउनशिप की सागर श्री एन्क्लेव में कुलदीप चौधरी ने अपना पेंटहाउस एयरबीएनबी को किराए पर दे रखा है. यहां रोज नए लोग आते थे. इस बात को लेकर रहवासियों को आपत्ति थी, जिसे लेकर विवाद हो गया था. बुधवार को रहवासियों ने उनके फ्लैट की लाइट बंद कर दी थी. यह देखकर कुलदीप चौधरी नीचे आया और उसने रहवासियों के फ्लैट की लाइट बंद कर दी. इस बात को लेकर मारपीट हुई. इसके बाद बेटा मोहित उर्फ मोहनीश चौधरी कार लेकर आया. पहले वहां रहने वाली महिला कर्मचारी और फिर इंफोसिस में इंजीनियर के पद पर कार्यरत शंपा पांडे को टक्कर मार दी. शंपा को बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जहां उनकी मौत हो गई. पूरी वारदात बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी. इस मामले में पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है, जो दो दिन की पुलिस रिमांड पर हैं. पुलिस पेंटहाउस की वैधता के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है.
कार में लाल बत्ती लगाकर घूमते हुए पकड़ाया था मोहनीश
महिला इंजीनियर की हत्या मामले में की जा रही पुलिस जांच में एक और बात निकलकर सामने आई है कि आरोपी बेटा तीन महीने पहले भी पुलिस के हत्थे चढ़ा था. दिसंबर माह में पुलिस ने उसे कार पर लाल बत्ती लगाकर घूमते हुए पकड़ा था. तब पुलिस ने उसके पिता को भी थाने बुलाया था और दोनों को समझाइश देते हुए कार्रवाई भी की थी. पुलिस के अनुसार आरोपी मोहनीस दिसंबर महीने में एंडेवर कार में लाल बत्ती लगाकर घूम रहा था, तभी मोहनीश को बीट 78 ने रोका था और उसे पकड़कर थाने लेकर आए थे. उस वक्त वह नाबालिग था, इस वजह से उसके पिता को भी थाने बुलवाया गया था. दोनों को मामले में समझाइश दी गई थी और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई थी
