ग्वालियर: ग्वालियर से हवाई सेवाओं में गिरावट पर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए युगल पीठ ने निर्देश दिए हैं कि ग्वालियर से फ्लाइट सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करें। न्यायालय ने इस मामले में दोनों सरकारों को दो सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का आदेश दिया है।
यह निर्देश वरिष्ठ नागरिक सुदर्शन झवर की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए। याचिका में ग्वालियर की हवाई कनेक्टिविटी के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की गई है।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि ग्वालियर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल पर 400 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं। यह प्रदेश के सबसे भव्य टर्मिनलों में से एक है, लेकिन इतने बड़े निवेश के बावजूद उड़ानें बढ़ने के बजाय घट रही हैं।जो उड़ानें पहले से संचालित हो रही थीं, उन्हें भी एयरलाइंस कंपनियां धीरे-धीरे बंद कर रही हैं। सुनवाई के दौरान यह दलील दी गई कि ग्वालियर से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे महानगरों के लिए यात्रियों का भारी दबाव रहता है। शहर के कारोबारी, छात्र और पर्यटक हवाई सेवाओं पर निर्भर हैं, लेकिन पर्याप्त कनेक्टिविटी न होने के कारण उन्हें अक्सर दिल्ली या जयपुर जैसे शहरों से यात्रा करनी पड़ती है।
