
जबलपुर। सिहोरा के पुराना बस स्टैंड इलाके में खड़ी एक कबाड़ गाड़ी अचानक आग का गोला बन गई। हादसे के वक्त गाड़ी के भीतर सो रहे 50 वर्षीय बुजुर्ग को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और वे जिंदा जल गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था।
सिहोरा थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को के अनुसार मृतक की पहचान वार्ड नंबर-3 निवासी बादशाह खान (50 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बादशाह खान मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। वे दिन भर शहर से कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक की पन्नियां इकट्ठा करते थे और उसे पुराना बस स्टैंड के पास खड़ी एक लावारिस टाटा सफारी में भर देते थे। रात होने पर वे इसी कचरे से भरी गाड़ी के भीतर सो जाया करते थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बुजुर्ग बीड़ी पीने के शौकीन था आशंका जताई जा रही है कि देर रात गाड़ी के अंदर बीड़ी पीते समय उसकी चिंगारी वहां जमा सूखी पन्नियों या कचरे में जा गिरी। चूंकि गाड़ी के भीतर भारी मात्रा में ज्वलनशील कचरा भरा था, इसलिए आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप ले लिया। बादशाह खान बाहर निकलते, पूरी गाड़ी आग की लपटों से घिर चुकी थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही आसमान में धुएं का गुबार देखा गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बादशाह खान का शरीर पूरी तरह जल चुका था। पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
