जबलपुर: राइट टाउन स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने इस गंभीर मामले को छात्राओं की अस्मिता से जोड़ते हुए कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग की है।परिषद के जिला अध्यक्ष राजेंद्र तेकाम ने बताया कि हाल ही में छात्रावास की सैकड़ों छात्राएं अधीक्षक के कथित दुर्व्यवहार और उनके चरित्र पर सवाल उठाने के विरोध में सहायक आयुक्त के पास शिकायत करने पहुंचीं।
आरोप है कि वहां भी छात्राओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उनका आरोप है कि जांच के लिए पहुंची टीम ने भी छात्राओं पर मामले को दबाने का दबाव बनाया और शिकायत करने पर छात्रावास से निष्कासन की धमकी दी। परिषद ने आरोप लगाया कि जिले के अन्य छात्रावासों में भी अनियमितताएं हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि छात्राओं को न्याय नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस दौरान परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य एड. शैलेश धुर्वे, राजेंद्र तेकाम, दीपेंद्र मरकाम, राम कुमार सैयाम, कपिल मार्को, धरम मरावी, बृजमोहन धुर्वे, इंद्रजीत उर्रेती, वसत तेकाम, उमा उइके, अरविंद मार्को, अनिल परस्ते, महेंद्र मरावी, उदय राज मरावी, नरेंद्र उइके, नरेश मरकाम, वीरेंद्र तेकाम, महेंद्र ठाकुर, अमर सिंह कोल एवं बालकृष्ण उइके उपस्थित रहे।
