जिनेवा, 24 मार्च (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों को लेकर बुधवार को “आपात बहस” बुलाने की घोषणा की है। इस बीच ईरान-इजरायल संघर्ष 25वें दिन में प्रवेश कर गया है और सैन्य गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं।
परिषद के अनुसार, कई देश एक प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसमें बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों की निंदा की जाएगी। प्रस्ताव में नागरिकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाए जाने तथा इससे हुई जनहानि पर चिंता जताई जाएगी।
यह विशेष सत्र बहरीन ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और जॉर्डन की ओर से अनुरोध कर बुलाया है। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
खाड़ी देश इस बैठक में तनाव कम करने, अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठा सकते हैं। इस बीच, ईरान-इजरायल संघर्ष और तीव्र हो गया है। 25वें दिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ताजा हमले किए। ईरानी मिसाइलों ने तेल अवीव के केंद्रीय हिस्सों को निशाना बनाया, जिससे नुकसान हुआ और आपात सेवाओं को सक्रिय करना पड़ा।
दूसरी ओर, इजरायल ने तेहरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें सैन्य ढांचे, कमांड सेंटर और हथियार भंडार शामिल बताए गए हैं। इजरायली रक्षा बलों के अनुसार, ये हमले ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
संघर्ष का दायरा अब अन्य देशों तक भी फैल गया है। बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कुवैत और सऊदी अरब ने अपने रक्षा तंत्र द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है।
इसके साथ ही इजरायल ने लेबनान में भी हमले तेज कर दिए हैं। मौजूदा हालात ने पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है और कूटनीतिक समाधान को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
