चेन्नई 22 अप्रैल (वार्ता) तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर कल गुरूवार को वोट डाले जायेंगे। राज्य में इस बार 5.67 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं, जिनमें 2.89 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने राज्य भर में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 5,938 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों की विशेष निगरानी की जायेगी।
चुनाव आयोग ने मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में करीब 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 295 कंपनियां (लगभग 23,000 जवान) शामिल हैं। इसके अलावा 20,000 से अधिक सेवानिवृत्त सैनिकों और वन रक्षकों को भी चुनावी ड्यूटी में लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 1,100 वाहनों में त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात रहेंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करना है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में कुल 4,023 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यहाँ मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्नाद्रमुक-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के बीच है। इस बार अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ ने भी कुछ सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
सत्तारूढ़ द्रमुक की ओर से मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन स्टार प्रचारक रहे, वहीं अन्नाद्रमुक की ओर से एडापट्टी के. पलानीस्वामी ने कमान संभाली। भाजपा गठबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने धुआंधार प्रचार किया है। राज्य में भ्रष्टाचार, तमिल स्वाभिमान और महिला आरक्षण जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
