पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में संभावित बैठक और बैक-चैनल प्रयासों में तुर्की और मिस्र भी शामिल हैं।
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव को रोकने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि विवाद को सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही इस्लामाबाद में बैठक हो सकती है।
फाइनेंशियल टाइम्स के हवाले से यह बताया गया कि पाकिस्तान ने आगामी बातचीत के लिए इस्लामाबाद को स्थान के रूप में सुझाया है। इसमें ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और ईरान के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। अगर ऐसा होता है तो यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
अमेरिका-ईरान से संपर्क में पाकिस्तानी अधिकारी
मामले से परिचित सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी गुप्त रूप से तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संवाद स्थापित कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान से कई बार बातचीत की है।
ट्रंप ने मुनीर से की बातचीत
इसके अलावा, पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बात की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट को नष्ट करने की धमकी को पांच दिनों के लिए टाल दिया। ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय उन्होंने तेहरान के साथ “अच्छी और सार्थक बातचीत” के बाद लिया।
अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल संभवतः एक या दो दिन में पाकिस्तान पहुंच सकता है। इसमें ट्रंप के मध्य पूर्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शामिल हो सकते हैं। हालांकि, पाकिस्तान के सूत्रों ने कहा कि ईरान अभी बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।
तुर्की-मिस्र कर रहे पाकिस्तान की मदद
पाकिस्तान ने ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए बैक-चैनल प्रयास शुरू किए हैं। इस प्रक्रिया में तुर्की और मिस्र भी पाकिस्तान के साथ सहयोग कर रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने तुर्की के अपने समकक्ष हाकान फिदान से बातचीत की, जबकि मिस्र के विदेश मंत्री बदल अब्देलअती ने रविवार को ईरान और पाकिस्तान में अपने समकक्षों और कतर के विदेश मंत्री के साथ बातचीत की।
ईरान ने बातचीत से किया इनकार
ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका के साथ सीधे संवाद से इंकार किया है, लेकिन स्वीकार किया कि कई क्षेत्रीय देश मध्यस्थता के प्रयासों में शामिल हैं। वहीं, फ्लोरिडा में राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने एक “बेहद सम्मानित ईरानी अधिकारी” के साथ बातचीत की थी।
इस प्रयास से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान न केवल अपने क्षेत्रीय महत्व को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कूटनीतिक रूप से कम करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
