​स्वप्न से साकार हुआ मां गायत्री का भव्य स्वरूप: यहां 68 वर्षों से अखंड प्रज्जवलित है ज्योति

करनवास: श्री गायत्री ज्ञानाश्रम करनवास में प्रतिवर्षानुसार इस बार भी 69 वां चैत्र नवरात्रि महोत्सव पूर्ण श्रद्धा, भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है. मंदिर धाम पर बीते 68 वर्षों ज्योति अनवरत् रुप से प्रज्जवलित है. धाम के प्रति श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है और यह धाम काफी चमत्कारिक है.मंदिर धाम पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन आते है किंतु नवरात्रि में यहां दूर-दूर से श्रद्धालुजन आते है. मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अर्पित माणकलाल आचार्य एवं समस्त आचार्य परिवार के द्वारा विशेष पूजन और आरती की जा रही है. जिसमें मां दुर्गा के सप्तशती के पाठ एवं मां गायत्री की विशेष उपासना करवाई जा रही है.
करनवास. मंदिर पर 68 वर्षों से ज्योति अनवरत् प्रज्जवलित है,काफी प्राचीन इतिहास है मंदिर का आश्रम का बहुत प्राचीन इतिहास करनवास स्थित श्री गायत्री है. बताया जाता है कि ब्रह्मलीन पंडित माणकलाल आचार्य को स्वप्न में मिली प्रेरणा अनुसार सन 2018 में मां गायत्री मंदिर को भव्य स्वरुप प्रदान किया गया. पं अर्पित माणकलाल आचार्य ने
बताया कि श्री गायत्री ज्ञानाश्रम में नवरात्रि पर्व के दौरान माता का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया जाता है.
दूर-दूर से मंदिर धाम आते है श्रद्धालु
माताजी के मंदिर पर बहुत दूर-दूर से श्रद्धालु जुड़े हुए है और मां के दर्शन करने आते है. श्री गायत्री ज्ञानाश्रम गायत्री दूर-दूर तकश्री गायत्री ज्ञानाश्रम करनवास प्रतिवर्ष अनुसार 69वां चैत्र नवरात्रि महोत्सव मनाया जा रहा है. यहां पर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अर्पित माणकलाल आचार्य एवं समस्त आचार्य परिवार के द्वारा विशेष पूजन और आरती की जा रही है. जिसमें मां दुर्गा के सप्तशती के पाठ एवं मां गायत्री की विशेष उपासनाएं करवाई जा रही है. श्री गायत्री आश्रम का बहुत प्राचीन इतिहास है कि मां गायत्री ने ब्रह्मलीन पंडित माणकलाल जी आचार्य को स्वप्न में मां का मंदिर स्थापित करने की प्रेरणा हुई थी.

उसी प्रेरणा के चलते उनने सतत मां गायत्री की सेवा एवं साधना की और सन 2018 में मां गायत्री के भव्य पंचमुखी स्वरूप की स्थापना हुए और परम पूज्य गुरुदेव का सपना साकार हुआ. पं. अर्पित माणकलाल आचार्य ने बताया कि श्री गायत्री ज्ञानाश्रम में नवरात्रि पर्व के दौरान माता का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया जाता है. माताजी के मंदिर से बहुत दूर-दूर से श्रद्धालु जुड़े हुए हैं और मां के दर्शन करने आते हैं और श्री गायत्री ज्ञानाश्रम गायत्री दूर-दूर तक विख्यात है और लोगों की मां गायत्री की कृपा से मनोकामनाएं पूर्ण होती है. इसका भी इतिहास है और यहां पर नवरात्रि में भक्तों की अखंड ज्योति भी जलाई जाती है. मां गायत्री के सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. श्री गायत्री ज्ञानाश्रम में 68 वर्षों से अखंड ज्योति जल रही है. सायंकालीन आरती 7.30 बजे की जाती है. जिसमें भक्तों की विशेष उपस्थिति अत्याधिक मात्रा में रहती ह. वह बड़े ही धूमधाम से आरती की जाती है.विख्यात है. मां गायत्री की कृपा से मनोकामनाएं पूर्ण होती है. मंदिर धाम पर सायंकालीन आरती 7.30 बजे होती है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शामिल होते है.

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