उज्जैन: महाकाल मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के महंत गादीपति विनीत गिरि महाराज के इस्तीफे के चर्चा के बीच शनिवार को नया मोड़ आ गया। विनीत गिरि महाराज ने अपने इस्तीफे से यू-टर्न लिया है।उन्होंने अपना इस्तीफा देने से ही मना कर दिया और सिर्फ इस्तीफे की पेशकश की बात कही। इधर, पिछले तीन दिन से चल रही उठापटक के बीच उज्जैन पहुंचे महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव और अन्य पदाधिकारियों ने महंत के इस्तीफे को अस्वीकार करते हुए साफ कहा कि आगामी कुंभ यानी सिंहस्थ 2028 तक तो विनीत गिरि महाराज ही यहां के महंत पद पर बने रहेंगे। इसके बाद आगे अखाड़ा निर्णय लेगा। पहले अपना स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर महाकाल मंदिर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनित गिरि महाराज ने इस्तीफे दे दिया था ऐसी खबर चर्चा में आई थी।
महंत के इस्तीफे का मामला चर्चा में आने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी महाराज सहित अन्य संत शनिवार को उज्जैन पहुंचे। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अखाड़े में जाकर संतों के साथ बैठक की। फिर महंत विनित गिरि महाराज से मिले। इसके बाद उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह से भी मुलाकात की। उन्होंने बडऩगर रोड पर बन रहे नए अखाड़े के निर्माण भी देखा। बैठक के बाद पदाधिकारियों ने बताया कि फिलहाल महंत विनित गिरि महाराज के इस्तीफे की कोई बात नहीं है। वे अखाड़े के महंत बने रहेंगे।इस पूरे मामले में विनीत गिरि महाराज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उन्होंने अस्वस्थ होने के चलते पूर्व में अखाड़े को इस्तीफा भेजा था। लेकिन अब तक अखाड़े ने इस पर कोई निर्णय ही नहीं लिया। हालांकि शनिवार को जब अखाड़े के पदाधिकारी मामले में चर्चा के लिए जब उज्जैन पहुंचे तो उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि सिर्फ इसकी पेशकश की थी, इस्तीफा नहीं दिया है।
