तेहरान, 20 मार्च (वार्ता) ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शुक्रवार तड़के अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में अपने प्रवक्ता अली मोहम्मद नइनी के मारे जाने की पुष्टि की है। यह हमला उनके उस बयान के कुछ ही मिनटों बाद हुआ जिसमें उन्होंने चल रहे युद्ध के बावजूद मिसाइल उत्पादन जारी रहने की बात कही थी।
गत 28 फरवरी को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद से ईरान के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ चल रहे अभियानों की श्रृंखला में यह एक और बड़ी घटना है।
इससे पहले, इजरायल ने ईरान के खुफिया मामलों के मंत्री इस्माइल खतीब के मारे जाने की जानकारी दी थी। वह 2022-2023 के महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों को दबाने और विदेशों में इजरायलियों और अमेरिकियों के खिलाफ ऑपरेशनों में शामिल थे। इस सप्ताह ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी भी इजरायली हवाई हमलों में मारे गए हैं।
ईरान ने इन हमलों को “कायरतापूर्ण” बताते हुए निंदा की है।ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली यह समझने में असमर्थ हैं कि ईरान के पास स्थापित राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थानों के साथ एक मजबूत ढांचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के शक्तिशाली सचिव अली लारीजानी के मारे जाने के बावजूद ईरानी नेतृत्व को कोई घातक झटका नहीं लगेगा। श्री अराघची के अनुसार, ईरान का शासन ढांचा व्यक्तियों के नुकसान के बावजूद लचीला बना हुआ है और यह एक “बहुत ठोस” प्रणाली है।

